मुजफ्फरनगर में ‘फर्जी’ वेब सीरीज देखकर नकली नोट छापने वाले गिरोह का पर्दाफाश, मास्टरमाइंड समेत 3 गिरफ्तार

SSP सूरज कुमार राय के निर्देशन में बुढ़ाना पुलिस की कार्रवाई, 5.26 लाख रुपये की जाली करेंसी, लैपटॉप और कलर प्रिंटर समेत नोट बनाने का सामान बरामद

मुजफ्फरनगर। जनपद में नकली करेंसी तैयार कर उसे बाजार में चलाने वाले गिरोह का बुढ़ाना पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के कथित मास्टरमाइंड समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से कुल 5 लाख 26 हजार 500 रुपये की जाली करेंसी बरामद होने की जानकारी दी गई है। इसके अलावा दिल्ली स्थित एक फ्लैट से लैपटॉप, कलर प्रिंटर और नकली नोट तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली अन्य सामग्री भी बरामद की गई है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार राय के निर्देशन, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अक्षय संजय महादीक के पर्यवेक्षण, क्षेत्राधिकारी बुढ़ाना गजेन्द्रपाल सिंह और थाना प्रभारी सुभाष अत्री के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उन्हें ओटीटी प्लेटफॉर्म अमेजन प्राइम वीडियो पर प्रसारित ‘फर्जी’ वेब सीरीज देखकर और यूट्यूब की मदद से नकली नोट बनाने का विचार आया था। उनका कथित उद्देश्य जल्दी अमीर बनना और जाली करेंसी को बाजार में चलाना था।

मेरठ-करनाल हाईवे के पास से तीनों आरोपी गिरफ्तार

पुलिस के मुताबिक, 14 अक्टूबर 2026 को मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर बुढ़ाना-कांधला मार्ग पर मेरठ-करनाल हाईवे के पास, वाजिद के होटल के बराबर में ट्यूबवेल के निकट कार्रवाई की गई। यहां से तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से चार लाख रुपये की जाली करेंसी बरामद हुई।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शुभम पुत्र रण सिंह, निवासी ग्राम सांकरोट, थाना खेकड़ा, जनपद बागपत, हाल निवासी मंशा देवी अपार्टमेंट, नरेला, दिल्ली; महेंद्र पुत्र आसाराम, निवासी ग्राम कनौथा, थाना सतपुली, पौड़ी गढ़वाल, उत्तराखंड; और टीनू पुत्र सुमित, निवासी ग्राम दौलतपुर, थाना सरधना, मेरठ के रूप में हुई है।

दिल्ली के फ्लैट पर छापेमारी, 1.26 लाख की जाली करेंसी बरामद

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी शुभम की निशानदेही पर दिल्ली स्थित उसके फ्लैट पर छापेमारी की गई। इस दौरान एक लाख 26 हजार 500 रुपये की अतिरिक्त जाली करेंसी बरामद हुई। इसके साथ ही लैपटॉप, कलर प्रिंटर, कॉटन पेपर के बंडल, बटर पेपर के बंडल और नकली नोट तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली अन्य सामग्री भी पुलिस ने कब्जे में ली।

पुलिस की कार्रवाई में कुल बरामद जाली करेंसी की राशि पांच लाख 26 हजार 500 रुपये बताई गई है। पुलिस अब बरामद सामग्री और आरोपियों के कथित नेटवर्क के संबंध में आगे की जांच कर रही है।

‘फर्जी’ वेब सीरीज और यूट्यूब से मिला आइडिया

पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कथित रूप से बताया कि उन्होंने जल्दी पैसा कमाने के इरादे से नकली नोट बनाने की योजना तैयार की थी। इसके लिए उन्होंने ‘फर्जी’ वेब सीरीज देखी और यूट्यूब से जानकारी हासिल की। इसके बाद जाली करेंसी तैयार कर उसे बाजार में चलाने की कोशिश की गई।

हालांकि, आरोपियों के इस कथित खुलासे और नकली नोटों को बाजार में चलाने से संबंधित अन्य पहलुओं की पुष्टि जांच के आधार पर की जानी है।

SSP सूरज कुमार राय के निर्देशन में कार्रवाई

इस मामले में बुढ़ाना पुलिस की कार्रवाई को जाली करेंसी के कारोबार के खिलाफ महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी के बाद आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। मामले में बरामद सामग्री, कथित नेटवर्क और अन्य संभावित संलिप्त लोगों के संबंध में जांच जारी है।

#Muzaffarnagar #FakeCurrency #UPPolice #CrimeNews #RajsattaPost

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *