आजादी के 77 साल बाद भी बहस का केंद्र सिर्फ “कांग्रेस”, उपलब्धियों पर बात कब होगी? :- ठा. रुपसिंह

राजसत्ता पोस्ट|असलम त्यागी

मुजफ्फरनगर। विकासखंड चरथावल क्षेत्र के ग्राम बिरालसी निवासी और किसान स्वाभिमान संगठन के प्रदेश प्रवक्ता ठा. रुपसिंह ने देश की राजनीति और सरकार के कामकाज को लेकर बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि आजादी के इतने वर्षों बाद भी राजनीतिक बहस का बड़ा हिस्सा कांग्रेस और उसके पुराने शासनकाल के इर्द-गिर्द घूमता दिखाई देता है। उनका सवाल है कि वर्तमान सरकार को अपनी उपलब्धियों और मौजूदा कार्यकाल के परिणामों पर अधिक चर्चा करनी चाहिए।

ठा. रुपसिंह ने कहा कि 2014 के बाद केंद्र में लगातार सत्ता में रही सरकार से जनता अब अपने कार्यकाल का हिसाब जानना चाहती है। उन्होंने कहा कि सरकार के भाषणों और राजनीतिक विमर्श में कांग्रेस, नेहरू, इंदिरा गांधी और पूर्ववर्ती सरकारों का उल्लेख करने के बजाय रोजगार, महंगाई, किसान, शिक्षा, स्वास्थ्य और संस्थागत व्यवस्था जैसे मौजूदा मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि यदि सरकार अपने कार्यकाल की उपलब्धियों को जनता के सामने रखती है तो राजनीतिक बहस को वर्तमान मुद्दों और भविष्य की योजनाओं पर केंद्रित किया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष की आलोचना लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन सत्ता पक्ष के लिए अपने कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड जनता के सामने रखना भी जरूरी है।

रुपसिंह ने कहा कि किसानों की आय, रोजगार, महंगाई, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर सरकार को स्पष्ट आंकड़ों और उपलब्धियों के साथ जनता के सामने अपनी स्थिति रखनी चाहिए। उनका कहना है कि जनता यह जानना चाहती है कि 2014 के बाद केंद्र सरकार ने क्या किया और आने वाले समय के लिए उसकी क्या योजनाएं हैं।

भारत में 2014 के बाद कई आम चुनाव हुए हैं और 2024 का लोकसभा चुनाव भी निर्वाचन आयोग द्वारा आयोजित किया गया था। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में राजनीतिक दलों के बीच नीतियों और उपलब्धियों को लेकर बहस होनी चाहिए, ताकि जनता के सामने अलग-अलग पक्ष स्पष्ट रूप से आ सकें।

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