आशीर्वाद वेंकट में दून वैली व नचिकेता ग्रुप का अभिभावक जागरूकता सत्र संपन्न, पेरेंटिंग और सुरक्षा पर अनुराग सिंघल का जोर
रोहित त्यागी
मुजफ्फरनगर, 08 सितंबर 2026।
मुजफ्फरनगर के जानसठ रोड स्थित आशीर्वाद वेंकट में दून वैली और नचिकेता ग्रुप ऑफ स्कूल्स की ओर से अभिभावकों के लिए एक विशेष जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया। यह सत्र सुबह 10:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक चला, जिसमें पेरेंटिंग, बच्चों के साथ मजबूत बॉन्डिंग, उनकी जिम्मेदारियों और विद्यालयों में सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई।
सत्र को संबोधित करते हुए दून वैली और नचिकेता ग्रुप ऑफ स्कूल्स के डायरेक्टर अनुराग सिंघल ने अभिभावकों को बच्चों के साथ मजबूत बॉन्डिंग विकसित करने के कई व्यावहारिक तरीके बताए। उन्होंने कहा कि बच्चों को सही और गलत की पहचान कराने के साथ-साथ उन्हें मंथली बजट तैयार करना सिखाना भी जरूरी है। इसके अलावा बच्चों को सोशल गैदरिंग में सही तरीके से इंटरेक्ट करना सिखाने तथा डिजिटल युग में सोशल मीडिया के संतुलित उपयोग और स्क्रीन टाइम को नियंत्रित करने पर भी उन्होंने जोर दिया।
अनुराग सिंघल ने विद्यालयों में सुरक्षा के कड़े इंतजामों की जानकारी भी अभिभावकों को दी। उन्होंने बताया कि दून वैली और नचिकेता ग्रुप ऑफ स्कूल्स की सभी शाखाएं वाई-फाई और कैमरों से जुड़ी हुई हैं। बच्चों के विद्यालय आने और जाने की प्रक्रिया पर पूरी निगरानी रखी जाती है, ताकि विद्यालय परिसरों को पूरी तरह सुरक्षित बनाया जा सके।
इसके बाद दून वैली और नचिकेता ग्रुप ऑफ स्कूल्स के वाइस प्रिंसिपल विक्की जैन ने अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा कि आज समाज के दबाव में आकर हम बच्चों का आकलन केवल हिंदी, अंग्रेजी या गणित के अंकों के आधार पर करने लगे हैं। जबकि असली सफलता परिवार को साथ लेकर चलने, रिश्तों को निभाने, अपनी जिम्मेदारियों को समझने और जीवन में असफल होने के बाद दोबारा खड़े होकर नई शुरुआत करने की कला में आती है।
विक्की जैन ने अभिभावकों से अनुरोध किया कि आज के दौर में हमारी सुनने की क्षमता कहीं न कहीं कम होती जा रही है, इसलिए माता-पिता को बच्चों की बात ध्यान से सुननी चाहिए। उन्होंने कहा कि बच्चों को शुरू से ही घर के छोटे-छोटे कार्यों में शामिल किया जाए, ताकि वे अपनी डिमांड के साथ-साथ जिम्मेदारियों को भी समझें और चीजों की वैल्यू करना सीखें।
वहीं, शिक्षिका एवं अभिभावक पूजा शर्मा ने इस इंटरेक्टिव सेशन के अपने अनुभव को साझा किया। उन्होंने बताया कि आज के समय में पेरेंट्स और बच्चों के बीच की बॉन्डिंग कहीं न कहीं कमजोर होती जा रही है। इसी विषय पर सत्र के दौरान विस्तार से चर्चा की गई और अभिभावकों को इसके समाधान के संबंध में सुझाव दिए गए।
इस दौरान अभिभावकों के लिए आयोजित इस विशेष जागरूकता सत्र में बच्चों की परवरिश, उनके साथ संवाद, जिम्मेदारियों की समझ, डिजिटल माध्यमों के संतुलित उपयोग और विद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी साझा की गई।

