हाई कोर्ट जाने का दिया जाने चाहिए था मौका, हड़बड़ी में ना उठाये कोई गलत कदम, मोलाना मुफ़्ती जुल्फिकार अली !
रोहित त्यागी
मुज़फ्फरनगर।सहारनपुर में मस्जिद से संबंधित हालिया घटनाक्रम और सूचनाओं पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मुस्लिम धर्मगुरु ने इसे अफसोसनाक बताते हुए कहा कि ऐसे संवेदनशील मामलों में जल्दबाजी या हड़बड़ी में कोई कदम उठाने के बजाय अदालत का रास्ता अख्तियार किया जाना चाहिए था। उन्होंने जोर देकर कहा कि जमींदारी के समय से लेकर अदालतों और सरकारी दस्तावेजों में इबादतगाहों के तमाम रिकॉर्ड मौजूद हैं, इसलिए संविधान द्वारा दी गई धार्मिक आजादी और कानूनी प्रक्रियाओं का सम्मान करते हुए उच्च न्यायालय के फैसलों को माना जाना चाहिए। धर्मगुरु ने सभी शहरवासियों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की गलतफहमी या अफवाहों से बचें, सांप्रदायिक सौहार्द न बिगड़ने दें और यदि कोई बात या सूचना मिलती है तो सीधे ज़िलाधिकारी, एसएसपी और प्रशासन से संवाद स्थापित कर शहर में हर हाल में शांति एवं अमन-अमान बनाए रखें।
बाइट- मुस्लिम धर्मगुरु , मोलाना मुफ़्ती जुल्फिकार अली, मुजफ्फरनगर

