मुजफ्फरनगर में गोरखपुर हाईवे के लिए भूमि अधिग्रहण का विरोध, किसानों ने कहा- “किसी कीमत पर नहीं देंगे अपनी जमीन”

रोहित त्यागी

मुजफ्फरनगर। गोरखपुर हाईवे के निर्माण के लिए प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण को लेकर क्षेत्र के किसानों में भारी आक्रोश है। बुधवार को एडीएम प्रशासन द्वारा बुलाई गई बैठक में मथुरा, नगला राई, रोनी, हज्जीपुर समेत विभिन्न गांवों से पहुंचे दर्जनों किसानों ने भूमि अधिग्रहण का पुरजोर विरोध किया। किसानों ने साफ कहा कि वे किसी भी कीमत पर हाईवे निर्माण के लिए अपनी कृषि भूमि नहीं देंगे।

किसान संजय कुमार ने बताया कि गोरखपुर हाईवे निर्माण की प्रक्रिया के तहत करीब 30 गांवों के किसानों की उपजाऊ जमीन अधिग्रहण की जद में आ रही है। बुधवार को एडीएम कार्यालय में तीन गांवों के ग्रामीणों को अपनी आपत्तियां दर्ज कराने के लिए बुलाया गया था। किसानों ने बैठक में एक स्वर में जमीन देने से इनकार करते हुए अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं।

किसानों के मुताबिक, अकेले मथुरा, नगला राई समेत तीन गांवों की करीब 1400 बीघा जमीन हाईवे निर्माण की जद में आ रही है। किसानों का आरोप है कि भूमि के बदले दिया जा रहा मुआवजा मौजूदा बाजार दर की तुलना में काफी कम है। उनका कहना है कि उनकी जमीन उपजाऊ है और इससे उनका परिवार तथा आजीविका जुड़ी हुई है।

किसान संजय कुमार ने बताया कि उन्होंने अपनी जमीन पर करीब एक करोड़ रुपये की लागत से बाउंड्री वाल कराकर फैक्ट्री स्थापित करने की योजना बनाई थी, लेकिन भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया के चलते उनका पूरा निवेश और भविष्य की योजना प्रभावित होने की स्थिति में है।

एडीएम प्रशासन से हुई बातचीत के संबंध में किसानों ने बताया कि अधिकारियों ने उन्हें एनएचएआई के अधिकारियों के समक्ष अपनी आपत्तियां और मांग रखने की सलाह दी है। हालांकि किसानों का कहना है कि वे अपनी जमीन को लेकर पीछे हटने के लिए तैयार नहीं हैं और अधिग्रहण के विरोध में हर स्तर पर अपनी आवाज उठाएंगे।

किसानों का कहना है कि विकास कार्यों का वे विरोध नहीं कर रहे हैं, लेकिन उनकी उपजाऊ जमीन का उचित मुआवजा और उनकी सहमति के बिना अधिग्रहण का विरोध जारी रहेगा।

बाइट- संजय कुमार, किसान

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