गैंगरेप पीड़िता को मिला SSP संजय वर्मा का सहारा, खुद एस्कॉर्ट गाड़ी से भिजवाया सिखेड़ा थाना, कार्रवाई के दिए सख्त आदेश
रोहित त्यागी
मुजफ्फरनगर। सिखेड़ा थाना क्षेत्र के एक गांव में 13 वर्षीय नाबालिग किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म और परिवार को धमकी देने का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि घटना के बाद स्थानीय स्तर पर उनकी शिकायत पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई और आरोपी पक्ष की ओर से लगातार दबाव एवं धमकियां दी जा रही थीं।
पीड़ित पिता की शिकायत के अनुसार, 16 जुलाई 2026 की सुबह किशोरी घर के पास नलकूप पर पानी लेने गई थी। आरोप है कि इसी दौरान दो युवकों ने उसे जबरन सुनसान स्थान पर ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। आरोपियों ने घटना किसी को बताने पर परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी।
परिजनों का कहना है कि किशोरी की तलाश करते हुए उसकी मां और चाची मौके पर पहुंचीं, जिसके बाद आरोपी वहां से फरार हो गए। परिवार का आरोप है कि घटना के बाद जब वे शिकायत लेकर सिखेड़ा थाने पहुंचे तो पुलिस ने उनकी शिकायत पर गंभीरता से कार्रवाई नहीं की और पीड़िता के बयान दर्ज कराने में भी टालमटोल की गई।
31 अगस्त को घर में घुसकर मारपीट का आरोप
पीड़ित परिवार के मुताबिक, 31 अगस्त को आरोपी पक्ष की कुछ महिलाएं कथित तौर पर डंडे लेकर उनके घर में घुस गईं और मारपीट की। परिवार का आरोप है कि उन पर मुकदमा वापस लेने का दबाव बनाया गया और बच्चों सहित परिवार को धमकाया गया।
मामले को लेकर पीड़िता और उसकी मां ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर अपनी शिकायत रखी और न्याय की गुहार लगाई।
SSP संजय वर्मा ने दिखाई संवेदनशीलता, खुद एस्कॉर्ट गाड़ी से भिजवाया थाने
पीड़ित परिवार के SSP कार्यालय पहुंचने पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने मामले का संज्ञान लिया। पीड़ित परिवार की बात सुनने के बाद SSP ने उन्हें भरोसा दिलाया कि मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद SSP ने खुद अपनी पुलिस एस्कॉर्ट गाड़ी से पीड़ित परिवार को सिखेड़ा थाने भिजवाया।
SSP ने सिखेड़ा थाना प्रभारी से फोन पर बात कर मामले में बिना किसी देरी के निष्पक्ष जांच और नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही पीड़ित परिवार की सुरक्षा और शिकायत पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
पीड़िता ने पुलिस अधिकारियों के सामने अपने साथ हुई घटना को लेकर न्याय की मांग की। वहीं उसकी मां ने आरोप लगाया कि आरोपी पक्ष की ओर से लगातार धमकियां दी जा रही हैं और परिवार पर मुकदमा वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है।
फिलहाल मामला पुलिस के संज्ञान में है और SSP के निर्देश के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

