टोयोटा ने मनीष कश्यप के दावों को किया खारिज, तकनीकी जांच में E20 पेट्रोल को दी क्लीन चिट; दूषित ईंधन को बताया खराबी की वजह

सोशल मीडिया पर E20 पेट्रोल को लेकर मनीष कश्यप द्वारा उठाए गए सवालों के बीच टोयोटा किर्लोस्कर मोटर ने आधिकारिक बयान जारी कर उनके दावों को खारिज किया है। कंपनी ने स्पष्ट किया कि संबंधित टोयोटा इनोवा हाईक्रॉस में आई खराबी का कारण E20 पेट्रोल नहीं, बल्कि गैर-मानक और दूषित ईंधन था।

कंपनी के अनुसार, वायरल वीडियो सामने आने के बाद उसके सर्विस विशेषज्ञों ने संबंधित वाहन की विस्तृत तकनीकी जांच की। जांच में पाया गया कि वाहन के इंजन, फ्यूल सिस्टम या अन्य किसी पुर्जे को E20 पेट्रोल से किसी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचा था। समस्या केवल दूषित ईंधन के कारण उत्पन्न हुई थी।
टोयोटा ने बताया कि निर्धारित प्रक्रिया के तहत वाहन के फ्यूल टैंक और फ्यूल लाइनों को पूरी तरह खाली कर साफ किया गया। इसके बाद वाहन में मानक गुणवत्ता वाला E20 पेट्रोल दोबारा भरा गया। पुनः परीक्षण के दौरान इनोवा हाईक्रॉस पूरी तरह सामान्य स्थिति में पाई गई और वाहन को ग्राहक को सही अवस्था में सौंप दिया गया।
कंपनी ने अपने बयान में कहा कि इनोवा हाईक्रॉस को E20 पेट्रोल के अनुरूप डिजाइन, परीक्षण और प्रमाणित किया गया है। इसलिए इस घटना को E20 ईंधन से जोड़ना सही नहीं है। टोयोटा ने यह भी कहा कि वाहन के बेहतर प्रदर्शन के लिए सबसे महत्वपूर्ण ईंधन की गुणवत्ता होती है, न कि उसमें मौजूद 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण।
गौरतलब है कि यह विवाद तब शुरू हुआ जब मनीष कश्यप ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर दावा किया था कि उनकी नई इनोवा हाईक्रॉस में करीब 12 हजार किलोमीटर चलने के बाद कंपन, नॉकिंग और ब्रेकडाउन जैसी समस्याएं आने लगीं। उन्होंने इन समस्याओं के लिए E20 पेट्रोल को जिम्मेदार ठहराते हुए ईंधन की गुणवत्ता और सरकार की एथेनॉल ब्लेंडिंग नीति पर भी सवाल उठाए थे।

टोयोटा के बयान के बाद कंपनी का कहना है कि इस मामले में तकनीकी जांच ने स्पष्ट कर दिया है कि वाहन में आई खराबी की वजह E20 पेट्रोल नहीं, बल्कि दूषित और गैर-मानक ईंधन था।
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