26 साल बाद भाखड़ा नहर से निकली कार, कंकाल और बच्चे की यूनिफॉर्म देख फफक पड़े परिजन
राजसत्ता पोस्ट | असलम त्यागी
पंजाब के रोपड़ जिले में भाखड़ा नहर से 26 साल बाद एक ऐसी कार बरामद हुई, जिसने दो दशक पुराने रहस्य से पर्दा उठा दिया। नहर की गहराई से निकाली गई जर्जर मारुति ओमनी कार के भीतर से इंसानी कंकाल, एक बच्चे की स्कूल यूनिफॉर्म, जूते-चप्पल और अन्य सामान मिलने के बाद पीड़ित परिवारों का वर्षों पुराना इंतजार आखिरकार खत्म हो गया।
जानकारी के अनुसार वर्ष 2000 में कोटला गांव निवासी मुन्नी लाल, तेज राम, सुरजीत सिंह और सुरजीत का आठ वर्षीय बेटा कालू एक शादी समारोह में शामिल होकर मारुति ओमनी कार से घर लौट रहे थे। लेकिन रास्ते में चारों अचानक लापता हो गए। काफी तलाश के बावजूद उनका कोई सुराग नहीं लग पाया था।
परिजनों ने अपने अपनों की तलाश में वर्षों तक पुलिस और प्रशासन के चक्कर लगाए। परिवारों का कहना है कि खोजबीन में उन्होंने अपनी जमीन तक बेच दी और भारी आर्थिक संकट का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद चारों का कोई पता नहीं चल सका।
मामले में नया मोड़ तब आया जब स्थानीय गोताखोर कमलप्रीत सैनी एक अन्य लापता व्यक्ति की तलाश में भाखड़ा नहर में उतरे। करीब 32 फीट गहराई में उन्हें एक जंग लगी और बुरी तरह क्षतिग्रस्त ओमनी कार दिखाई दी। सूचना मिलने पर प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और कई घंटे चले रेस्क्यू अभियान के बाद कार को बाहर निकाला गया।
कार की हालत पूरी तरह जर्जर हो चुकी थी। जब गाड़ी को खोला गया तो उसके भीतर से इंसानी हड्डियों के अवशेष, बच्चे की स्कूल यूनिफॉर्म, जूते-चप्पल और अन्य सामान बरामद हुआ। यह दृश्य देखकर परिजन अपने आंसू नहीं रोक सके।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बरामद अवशेषों को धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार परिजनों को सौंप दिया गया। बाद में गुरुद्वारा पातालपुरी साहिब में अंतिम अरदास के बाद अस्थियों का विसर्जन किया गया।
करीब 26 वर्षों तक अपनों के लौटने की उम्मीद में जी रहे परिवारों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। इस घटना ने पूरे इलाके को भावुक कर दिया है।

