मुजफ्फरनगर: सपा जिलाध्यक्ष ज़िया चौधरी बोले— पीड़ितों से मिलने पर गिरफ्तारी भाजपा सरकार की तानाशाही
मुजफ्फरनगर के मीरापुर विधानसभा क्षेत्र के ककरौली गांव में पीड़ित व्यापारी से मिलने जा रहे समाजवादी पार्टी नेताओं को पुलिस द्वारा रोककर गिरफ्तार किए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस कार्रवाई के बाद सपा नेताओं में भारी नाराजगी देखने को मिली।
बताया जा रहा है कि ककरौली गांव में हाल ही में व्यापारी नरेश अग्रवाल के घर में घुसकर हमला किया गया था। इस मामले में आरोप है कि हमलावर भाजपा से जुड़ा हुआ है, लेकिन उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई। इसी के विरोध में और पीड़ित परिवार से मुलाकात करने के लिए समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष ज़िया चौधरी, पार्टी पदाधिकारियों के साथ ककरौली पहुंचे थे।
पुलिस ने सपा नेताओं को पीड़ित परिवार से मिलने से पहले ही रोक लिया और उन्हें हिरासत में लेकर थाना ककरौली ले जाया गया। इस दौरान सपा कार्यकर्ताओं ने पुलिस कार्रवाई के खिलाफ नारेबाजी कर विरोध जताया।
सपा जिलाध्यक्ष ज़िया चौधरी ने इस कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार हमलावरों को बचाने और पीड़ितों की आवाज दबाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि पीड़ितों से मिलने पर सपा नेताओं की गिरफ्तारी लोकतंत्र के खिलाफ है और यह सरकार की तानाशाही को दर्शाता है।
ज़िया चौधरी ने चेतावनी दी कि अगर पीड़ित व्यापारी को जल्द न्याय नहीं मिला और आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो समाजवादी पार्टी बड़ा आंदोलन करने के लिए मजबूर होगी। उन्होंने कहा कि सपा किसी भी दमन के आगे झुकने वाली नहीं है और पीड़ितों की आवाज उठाती रहेगी।
इस दौरान सपा प्रदेश सचिव चौधरी इलम सिंह गुर्जर, जिला महासचिव सोमपाल सिंह कोरी, नेता पवन बंसल, विधानसभा अध्यक्ष सादिक चौहान, रजनीश यादव, जिला पंचायत सदस्य हाजी मूसा, अरशद मलिक, शाहनवाज मलिक, अनुज गुर्जर, लोकेंद्र कुमार और अन्य कई कार्यकर्ताओं को भी पुलिस ने हिरासत में लिया।
वहीं, सपा जिला मीडिया प्रभारी साजिद हसन ने इस गिरफ्तारी की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह कार्रवाई पूरे जिले में आंदोलन को जन्म दे सकती है और पार्टी इसे लेकर आगे रणनीति बनाएगी।

