करोड़ों के फर्जीवाड़े में चपरासी समेत 7 रिश्तेदार गिरफ्तार, 3 पत्नियों का खुलासा
असलम त्यागी
उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में एक चौंकाने वाला घोटाला सामने आया है, जहां एक चपरासी ने जुगाड़ और फर्जी दस्तावेजों के जरिए करोड़ों रुपये का खेल कर डाला। पुलिस ने मुख्य आरोपी इलहाम खान सहित उसकी पत्नियों और रिश्तेदारों को गिरफ्तार कर लिया है।
जानकारी के मुताबिक, इलहाम खान बिसलपुर इंटर कॉलेज में चपरासी के पद पर तैनात था, लेकिन उसने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर अपनी तैनाती जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) कार्यालय में करा ली। यहां उसे वेतन से जुड़े टोकन जनरेट करने का काम मिल गया, जिसका उसने दुरुपयोग किया।
आरोप है कि इलहाम ने अपनी तीनों पत्नियों, सास, साली और अन्य रिश्तेदारों के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर उन्हें रिकॉर्ड में शिक्षक, बाबू और ठेकेदार दिखाया। इसके बाद वह लगातार सरकारी धन को उनके खातों में ट्रांसफर करता रहा। जांच में सामने आया है कि करीब 8 करोड़ 15 लाख रुपये अलग-अलग खातों में भेजे गए।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी की तीनों पत्नियां अलग-अलग जगहों पर रहती थीं और उन्हें एक-दूसरे के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। पहली पत्नी अर्शी खातून की गिरफ्तारी के बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ। पुलिस ने उसे 19 फरवरी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
दूसरी पत्नी अजारा खान बुलंदशहर की रहने वाली है और अलीगढ़ में रह रही थी, जबकि तीसरी पत्नी लुबना संभल जनपद की निवासी है। पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर लिया है, हालांकि तीसरी पत्नी को कोर्ट से जमानत मिल चुकी है।
पुलिस ने अब तक करीब 5 करोड़ रुपये की रकम को फ्रीज कर दिया है और बाकी रकम की तलाश जारी है। मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है।
फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही है और यह पता लगाने में जुटी है कि इस फर्जीवाड़े में और कौन-कौन शामिल है।

