मुजफ्फरनगर। जिले में कवाल गांव से शुरू दंगे की घटना का दंश अभी लोग भूल नहीं पाए थे कि इसी गांव का एक वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रहा है। उसमें दो किशोरों को युवक पेड से बांधकर तालिबानी अंदाज में डंडों और बेल्ट से पीट रहा है। आरोपित की गिरफ्तारी की मांग को लेकर स्वजन ने थाने में हंगामा भी किया। पुलिस ने वीडियो पर संज्ञान लेते हुए मुकदमा दर्ज कर मुख्य आरोपित को गिरफ्तार कर लिया।
शुक्रवार सुबह इंटरनेट मीडिया पर 22 सेकेंड का एक वीडियो प्रसारित हुआ, जिसमें कुछ युवक दो किशोरों को पेड़ से बांध कर डंडों और बेल्ट से पीट रहे हैं। वीडियो प्रसारित होते ही पुलिस हरकत में आ गई। जांच के दौरान पुलिस को पता चला वीडियो जानसठ थानाक्षेत्र के कवाल गांव का है।
पुलिस अभी जांच में जुटी थी कि दोनों किशोरों के पिता बिजेंद्र व सुनील सैनी निवासीगण कवाल गांव मुकदमा दर्ज कराने के लिए जानसठ थाने पहुंच गए। 16 वर्षीय अजय के पिता बिजेंद्र ने पुलिस को बताया कि दस दिन पहले उनका बेटा सचिन पुत्र जीत सिंह निवासी कवाल की इलेक्ट्रानिक्स की दुकान पर काम सीखने के लिए गया था, जबकि 13 वर्षीय मयंक के पिता सुनील सैनी ने बताया, उनका बेटा सचिन की दुकान के बराबर में ही एक दुकान पर काम करता है।
दोनों का आरोप था कि दुकान से तांबे का तार चोरी करने के शक में सचिन गुरुवार को दोनों किशोरों को अपने दोस्तों के साथ पकड़ कर जंगल में ले गया था और पेड़ से बांधकर आरोपितों ने डंडों व बेल्ट से तीन घंटे कर पिटाई की थी। इसी दौरान किसी ने वीडियो बनाकर इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित कर दिया। दोनों किशोरों के काफी चोटें आई है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज दोनों किशोर को मेडिकल के लिए भेज दिया।
कोतवाली प्रभारी राजीव शर्मा ने बताया कि दोनों किशोरों के पिता की तहरीर पर सचिन पुत्र जीत सिंह, अंकित पुत्र पवन, शुभम पुत्र सतवीर निवासीगण कवाल के खिलाफ बंधक बनाकर पीटने, एससी-एसटी एक्ट आदि धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। मुख्य आरोपित सचिन को गिरफ्तार कर लिया है। बाकी आरोपितों की तलाश में दबिश दी जा रही है।

