आगरा। एडीए कालिंदी विहार में भूखंडों पर हुए अवैध कब्जे को हटाएगा। यहां भविष्य के उपयोग के लिए छोड़ी गई भूमि का नियोजन करते हुए उसकी बिक्री की जाएगी। प्रवर्तन व नियोजन अनुभाग से एडीए उपाध्यक्ष एम. अरून्मोली ने सात दिन में योजना मांगी है। दो जगह चलते मिले अवैध निर्माण पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

एडीए उपाध्यक्ष एम. अरून्मोली ने बुधवार दोपहर कालिंदी विहार योजना में सेक्टर ए व एच के रिक्त भूखंडों का निरीक्षण किया। वर्ष 1989 में एडीए ने कालिंदी विहार योजना लांच की थी। उस समय भविष्य की जरूरतों को देखते हुए कई भूखंड रिक्त छोड़े गए थे। इनमें चार हजार वर्ग मीटर का भूखंड सबसे बड़ा है। अन्य भूखंड भी हैं। रिक्त भूखंडों पर लोगों न अस्थायी कब्जा कर रखा है। किसी ने सामान रख लिया है तो कोई भैंस पाल रहा है।

एडीए उपाध्यक्ष ने दिए निर्देश

एडीए उपाध्यक्ष ने भूखंडों पर हुए अवैध कब्जे हटाने के निर्देश दिए। इनका नियोजित विकास करते हुए बिक्री का प्रस्ताव दिया जाएगा। इसी तरह यहां कुछ भूखंडों के ऊपर से हाईटेंशन लाइन गुजर रही है। एडीए उपाध्यक्ष ने संभावना तलाशने के निर्देश दिए कि इन भूखंडों को छोटा कर बिक्री की जा सकती है या नहीं? निरीक्षण में दो स्थानों पर अवैध निर्माण चलता हुआ मिला।

प्रभारी प्रवर्तन को नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश एडीए उपाध्यक्ष ने दिए। एडीए सचिव श्रद्धा शांडिल्यायन, मुख्य अभियंता केके बंसल, अधिशासी अभियंता आरआरपी सिंह, नगर नियोजक प्रोभात कमार पाल मौजूद रहे।

एडीए ने दोबारा ध्वस्त की अवैध कालोनी

एडीए के प्रर्वतन दल ने बुधवार को हरीपर्वत वार्ड प्रथम में तीन हजार वर्ग मीटर भूमि में विकसित की जा रही अवैध कालोनी में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की। सुरेश अग्रवाल व मनोज अग्रवाल की ओर से मनोहरपुर, बल्केश्वर रोड पर विकसित की जा रही अवैध कालोनी को पूर्व में ध्वस्त किया गया था। यहां सड़क डालकर दोबारा विकास कार्य शुरू कर दिए गए थे।

सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा, पानी निकासी बाधित

मथुरा जिले के महावन नगर पंचायत के वार्ड नंबर तीन स्थित काजीपाड़ा के समीप सरकारी जमीन पर कालोनाइजरों द्वारा अवैध कब्जा किए जाने का मामला सामने आया है। लगभग ढाई बीघा सरकारी जमीन (जो कस्बे की विभिन्न नालियों के पानी की निकासी के लिए इस्तेमाल होती थी) पर मिट्टी डालकर कब्जा कर लिया गया है। इस कब्जे के कारण आसपास के मुहल्लों की नालियों का पानी अब ठहरने लगा है, जिससे स्थानीय लोगों को गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि काजीपाड़ा, नई बस्ती, बस स्टैंड मुहल्ला, कुम्हार पाड़ा, व्यापारिन मुहल्ला और कसाई पाड़ा जैसे इलाकों की नालियों का पानी इसी जगह पर एकत्रित होता था। अब कालोनाइजरों द्वारा मिट्टी का भराव कर पानी की निकासी बाधित कर दी गई है। नगर पंचायत और राजस्व विभाग ने इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया है। क्षेत्रीय विधायक पूरन प्रकाश को भी अवगत कराया गया था।

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