वाराणसी। रेलवे अब मौनी अमावस्या की नई चुनौती से निपटने की तैयारी में है। श्रद्धालुओं की भीड़ में और वृद्धि होने की संभावना के दृष्टिगत 60 अतिरिक्त ट्रेनें चलाने की रणनीति पर काम शुरू कर दिया गया है। इस प्रकार कुल 214 स्पेशल ट्रेनें चलेंगी। सुरक्षा को भी सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखते हुए जीआरपी, सिविल पुलिस के सहयोग में पीएसी, आरपीएसएफ और सीआरपीएफ की टुकड़ियां लगाई जा रही हैं।

पांच लाख श्रद्धालुओं के आवागमन की संभावना

महाकुंभ में माघ अमावस्या का स्नान 29 जनवरी को होगा। इसलिए श्रद्धालुओं की आवाजाही का रेला 27 जनवरी से तीन फरवरी तक रहेगा। रेलवे ने पांच लाख श्रद्धालुओं की ट्रैफिक का अनुमान लगाकर तैयारी कर रही है। पौष पूर्णिमा और मकर संक्राति पर संचालित 154 ट्रेनें चलाई थीं जिसमें 60 और ट्रेनों की बढ़ोतरी होगी।

110 किमी प्रति घंटा होगी औसत गति

इन की औसत गति 110 किमी प्रति घंटा रहने की संभावना है। कैंट रेलवे स्टेशन से सामान्य दिनों में 260 जोड़ी यात्री ट्रेनों के अलावा 100 गुड्स ट्रेनें संचालित की जाती हैं। इनमें 140 ट्रेनें प्रयागराज और अयोध्या रूट से होकर गुजरती है।

रेलवे स्टेशन से यार्ड तक में फोर्स की निगरानी

श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए फोर्स स्टेशन के प्लेटफार्मों, होल्डिंग एरिया के अलावा यार्ड तक में खड़ी स्पेशल ट्रेनों की निगरानी कर रहा है। सुरक्षा अभेद रखने के लिए आरपीएसएफ, आरपीएफ, सीआरपीएफ के 372 जवान तैनात किए गए हैं। डाग स्क्वायड दस्ता से लगातार होल्डिंग एरिया और उसके आस-पास निगरानी बनाए हुए हैं।

श्रद्धालुओं के लिए 25 नावों पर 100 जवान मुस्तैद रहेंगे

मौनी अमावस्या पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान करने के लिए पहुंचेंगे। उनकी सुरक्षा के लिए खास इंतजाम किया गया है। एनडीआरएफ, जल पुलिस व पीएसी की फ्लड कंपनी की टीमें लगातार भ्रमण करते हुए स्नानार्थियों व नौका संचालन पर नजर रखेंगी। जिन घाटों पर स्नानार्थियों की भीड़ अधिक रहेगी उसकी बैरिकेडिंग की गई है।

प्रमुख घाटों पर जल पुलिस के जवानों की तैनाती की गई है। इसके साथ जल पुलिस प्रभारी के अनुसार मौनी अमावस्या पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए 25 नावों पर सवार 100 जवान मुस्तैद रहेंगे। इनमें जल पुलिस, एनडीआरएफ, पीएसी की फ्लड यूनिट के जवान शामिल हैं। सभी प्रमुख घाटों पर बैरिकेडिंग की गई है। असि, केदार घाट, शीतला घाट, दशाश्वमेध घाट समेत 11 घाटों पर फ्लोटिंग चेंजिंग रूम बनाया गया है। साथ ही सभी घाटों पर बांस से बैरिकेडिंग की गई है।

घाटों पर थानों की फोर्स भी तैनात

स्नानार्थियों को इसके आगे जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। जल पुलिस के 25 जवान चार नावों पर लगातार घाटों का चक्रमण करेंगे। साथ ही पीएसी के फ्लड यूनिट की एक कंपनी के 85 जवान दस नावों पर सवार रहेंगे। हर बार की तरह एनडीआरएफ के जवान 11 नावों के साथ रामनगर से लेकर राजघाट तक पूरी गंगा पर नजर रखेंगे। घाट पर तैनात जवान किसी को भी बिना लाइफ जैकेट के नावों पर सवार न होने देंगे। घाटों पर थानों की पुलिस भी तैनात। घाट से लेकर गंगा में आस्थावानों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह पुलिस व प्रशासन सतर्क है।

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