बंधवा ना समझे सरकार
मुजफ्फरनगर।यूपी सरकार के द्वारा गन्ने पर बढ़ाये गए ₹20 को लेकर क्षेत्रीय त्यागी समाज के अध्यक्ष गांव पूरा निवासी गन्ना किसान संजीव त्यागी ने इस पर अपनी नाराजगी जाहिर की है
गन्ना किसान संजीव त्यागी कहा सरकार द्वारा गन्ना मूल्य की घोषणा लगता है कि शायद किसान को बंधुआसमझ कर की गई है।
गन्ना मूल्य बढ़ोतरी को देखकर लग रहा है की किसान कहीं भी सरकार के एजेंट में शामिल नहीं है सरकार का दावा था की 2022 तक किसान की आए दोगुनी हो जाएगी, वह बात तो बहुत दूर की है,
पिछले वर्ष की तुलना में गान्ना उत्पादन में 20 से 25 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है इस वृद्धि को देखते हुए गन्ना मूल्य कम से कम₹70 बढ़ाना चाहिए था,
सरकार का कहना है कि हम किसान के बहुत बड़े हितैषी हैं इस वृद्धि को देखकर ऐसा नहीं लगता वैसे तो हम किसान हैं लेकिन हम जिस वर्ग से ताल्लुक रखते हैं वह वर्ग 90 से 95% तक भाजपा का वोटर रहा है इस वृद्धि को देखकर किसान वर्ग बहुत पीड़ित और और आहत महसूस कर रहा है किसान के लिए सरकार को धरातल पर उतरकर कार्य करना होगा तभी इसका विकास संभव है किसानो की जो समस्याएं हैं जैसे आवारा पशु खाद डीजल लेबर और महंगी दवाइयां इन सबको देखते हुए गन्ना मूल्य बढ़ोतरी नाकाफी है।
यदि सरकार ने आयोग बना रखे हैं या तो उनकी अनसुनी हो रही है या वह ठीक प्रकार से कार्य नहीं कर रहे हैं तो उन्हें क्यों बना रखा है क्यों हम लोगों की मेहनत की कमाई उनके ऊपर लुटाई जा रही है,
लोकतंत्र में कहीं भी हठधर्मिता नहीं होनी चाहिए इसलिए आप अपनी हठधर्मिता को छोड़ कर किसान हित में कार्य करें यदि आपका यही रवैया रहा और किसान जाति बिरादरी से उठकर सोचने लगेगा तो आपकी यह हठधर्मिता आपके लिए बहुत बड़े नुकसान का कारण बनेगी,
आपके इस गन्ना मूल्य वृद्धि से किसान और आपका वोटर और जो भी आपके हितेषी है वह बहुत आहट है आने वाले समय में आपको इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा,,,,।
इसलिए आप अपने इस फैसले पर पुनर्विचार करें और किसानो को उचित गन्ना मूल्य दिलाने का आश्वासन दें।

