-40 साल की लीज 2 साल पहले हो चुकी है खत्म, साठ गांठ से चल रहा है रोपवे, निगम को हो रहा भारी नुकसान

-प्रति वर्ष 25 करोड़ की कमाई के बाबत निगम को कंपनी केवल 3.25 करोड़ लीज रेंट के नाम पर देती है

देहारदून। 31 दिसंबर की तारीख नजदीक है ऐसे में मनसा देवी रोपवे का टेंडर अभी तक नहीं निकला गया है, जबकि छह महीने पहले हाई कोर्ट ने आदेश दिए थे की 31दिसंबर तक टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली जाय, लेकिन अभी तक ना कोई बैठक हुई नाही इसकी कोई जानकारी दी गई। इस टेंडर के ना होने से निगम को हो रहा भारी नुकसान, प्रति वर्ष 25 करोड़ की कमाई के बाबत निगम को कंपनी केवल 3.25 करोड़ लीज रेंट के नाम पर देती है। इससे राज्य सरकार के राजस्व में अच्छा खासा मुनाफा भी होगा।_

आगे बता दें कि उषा ब्रेकरो कंपनी, रोपवे को ढाई साल से बिना टेंडर के चला रही है. प्रशासन की साठगांठ के बिना ऐसा बिल्कुल भी संभव नहीं है. टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद यहां और भी कंपनियां इसके संचालन के लिए आगे आ सकती हैं. इसी वजह से स्थानीय प्रशासन ने हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी टेंडर प्रक्रिया को लटकाया हुआ है. रोपवे के जरिए हर साल लाखों श्रद्धालु मनसा देवी के दर्शन करते हैं.

31 दिसंबर को उषा बेकारो कंपनी का अनुबंध रोपवे संचालन का समाप्त हो रहा है उसके पहले टेंडर प्रक्रिया हो जानी चाहिए थी. उषा बेकरो का मूल लीज 40 साल का था जो 20 मई 2021 को समाप्त हो चुका है. इसके बाद प्रशासन की अनुमित लेकर धीरे-धीरे अनुबंध बढ़ाया जा रहा है. जो कहीं ना कहीं कंपनी की मजबूत पकड़ का नतीजा है. ऐसे में ढाई साल बीत जाने के बाद भी टेंडर प्रक्रिया शुरू नही की गई.

विगत 6 महीने में टेंडर प्रक्रिया चालू कराने को लेकर हाईकोर्ट में दो बार याचिका डाली जा चुकी है, लेकिन उसके बाद भी हाई कोर्ट के निर्देशों की अवहेलना हो रही है. रोपवे के संचालन को लेकर स्थानीय प्रशासन की लापरवाही साफ तौर पर नजर आती है. इसके संचालन पर साल में होने वाली करोड़ों की कमाई को लेकर स्थानीय प्रशासन से कभी पारदर्शिता नहीं रखी. हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी टेंडर को लेकर स्थानीय प्रशासन ने कोई कदम नहीं उठाया.
आगे बता दें कि उषा ब्रेकरो कंपनी, रोपवे को ढाई साल से बिना टेंडर के चला रही है. प्रशासन की साठगांठ के बिना ऐसा बिल्कुल भी संभव नहीं है. टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद यहां और भी कंपनियां इसके संचालन के लिए आगे आ सकती हैं. इसी वजह से स्थानीय प्रशासन ने हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी टेंडर प्रक्रिया को लटकाया हुआ है. रोपवे के जरिए हर साल लाखों श्रद्धालु मनसा देवी के दर्शन करते हैं.

 

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