मुजफ्फरनगर में नकली ब्रांडेड शराब बनाने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़, 7 गिरफ्तार; 6 राज्यों तक फैला था नेटवर्क
मुजफ्फरनगर। एसएसपी सूरज कुमार राय और एसपी सिटी अमृत जैन के नेतृत्व में मुजफ्फरनगर पुलिस ने नकली ब्रांडेड शराब के कारोबार का बड़ा खुलासा किया है। शहर कोतवाली पुलिस और जिला एसओजी की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 210 भरी हुई ब्रांडेड शराब की बोतलें, 99 खाली बोतलें, ढक्कन और पैकिंग से संबंधित अन्य सामग्री बरामद की गई है।
इस कार्रवाई में शहर कोतवाली प्रभारी बृजेश कुमार शर्मा की टीम शामिल रही। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी सस्ती शराब को महंगे ब्रांडों की बोतलों में भरकर असली शराब के नाम पर बेचते थे। गिरोह का नेटवर्क उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, उत्तराखंड, बिहार और गुजरात तक फैला हुआ था।
तीन गाड़ियों की चेकिंग में हुआ खुलासा
एएसपी/सीओ सिटी आईपीएस सिद्धार्थ के. मिश्रा ने बताया कि देर रात शहर कोतवाली पुलिस और जिला एसओजी की संयुक्त टीम ने चेकिंग के दौरान तीन गाड़ियों को पकड़ा। तलाशी लेने पर उनमें से 210 भरी हुई ब्रांडेड शराब की बोतलें, 99 खाली बोतलें, ढक्कन और अन्य सामग्री बरामद हुई। मौके से सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
सस्ती शराब को महंगे ब्रांड के नाम पर बेचने का आरोप
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया कि आरोपी कबाड़ियों और अन्य स्रोतों से इस्तेमाल की गई शराब की बोतलें खरीदते थे। इनमें सस्ती शराब भरकर रेड लेबल, ब्लैक लेबल, ब्लैक एंड व्हाइट, जेम्सन, डबल ब्लैक समेत अन्य ब्रांडों के नाम पर बेचने का आरोप है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी बोतलों के ढक्कन सील करने के लिए विशेष मशीन का इस्तेमाल करते थे। इसके अलावा, बोतलों को असली ब्रांड जैसा दिखाने के लिए फर्जी रैपर भी तैयार किए जाते थे।
250 रुपये की बोतल 3 हजार रुपये में बेचने का आरोप
आईपीएस सिद्धार्थ के. मिश्रा के अनुसार, पूछताछ में पता चला कि आरोपी करीब 200 से 250 रुपये की लागत में तैयार होने वाली शराब की बोतल को लगभग 3,000 रुपये में बेचते थे। इस तरह महंगे ब्रांड की शराब के नाम पर ग्राहकों को धोखा देकर मोटा मुनाफा कमाया जा रहा था।
छह राज्यों तक फैला था नेटवर्क
पुलिस के मुताबिक, गिरोह का नेटवर्क उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, उत्तराखंड, बिहार और गुजरात तक फैला हुआ था। गिरफ्तार किए गए सातों आरोपी हरियाणा और उत्तर प्रदेश के रहने वाले बताए गए हैं। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों, शराब की सप्लाई और नकली पैकिंग सामग्री के स्रोतों की जांच कर रही है।
आबकारी अधिनियम और बीएनएस के तहत मुकदमा
एएसपी/सीओ सिटी आईपीएस सिद्धार्थ के. मिश्रा ने बताया कि मामले में आबकारी अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत धोखाधड़ी एवं जालसाजी से संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि आगे की जांच में गिरोह के नेटवर्क से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण तथ्य सामने आएंगे।
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