विजयदशमी पर पंचकेदार के तीन धामों के कपाट बंद होने की तिथियां घोषित, 6 नवंबर से शुरू होगा शीतकालीन प्रवास
ऊखीमठ। विजयदशमी के पावन पर्व पर पंचांग गणना के अनुसार पंचकेदार के तीन प्रमुख धामों भगवान तुंगनाथ, भगवान केदारनाथ और भगवान मदमहेश्वर के कपाट शीतकाल के लिए बंद होने की तिथियां घोषित कर दी गई हैं। परंपरा के अनुसार तृतीय केदार तुंगनाथ धाम के कपाट 6 नवंबर, बाबा केदारनाथ धाम के कपाट 11 नवंबर और द्वितीय केदार मदमहेश्वर धाम के कपाट 16 नवंबर को बंद किए जाएंगे।
कपाट बंद होने के बाद तीनों धामों की चल विग्रह उत्सव डोलियां निर्धारित यात्रा मार्गों से होते हुए अपने-अपने शीतकालीन गद्दी स्थलों पर पहुंचेंगी। इसके बाद शीतकाल के दौरान श्रद्धालु इन गद्दी स्थलों पर भगवान के दर्शन कर सकेंगे। कपाट बंद होने की तिथियों की घोषणा के साथ ही शीतकालीन धार्मिक परंपराओं और डोली यात्रा की तैयारियां भी महत्वपूर्ण हो गई हैं।
11 नवंबर को बंद होंगे बाबा केदारनाथ धाम के कपाट

विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम के कपाट आगामी 11 नवंबर को भैयादूज के पर्व पर शुभ लग्नानुसार शीतकाल के लिए बंद किए जाएंगे। ऊखीमठ स्थित भगवान केदारनाथ के शीतकालीन गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर में विजयदशमी के अवसर पर पंचांग गणना के अनुसार कपाट बंद होने की तिथि घोषित की गई।
कपाट बंद होने के बाद भगवान केदारनाथ की पंचमुखी चल विग्रह उत्सव डोली धाम से रवाना होगी। डोली लिनचोली, जंगलचट्टी, गौरीकुंड, सोनप्रयाग और सीतापुर होते हुए प्रथम रात्रि प्रवास के लिए रामपुर पहुंचेगी।
12 नवंबर को डोली रामपुर से रवाना होकर शेरसी, बड़ासू, फाटा, मैखण्डा, नारायणकोटी और नाला सहित विभिन्न यात्रा पड़ावों से गुजरते हुए गुप्तकाशी स्थित विश्वनाथ मंदिर पहुंचेगी। यहां रात्रि विश्राम के बाद 13 नवंबर को डोली ऊखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर पहुंचेगी और शीतकालीन गद्दी स्थल पर विराजमान होगी। इसके बाद शीतकाल में श्रद्धालु ओंकारेश्वर मंदिर में भगवान केदारनाथ के दर्शन कर सकेंगे।
6 नवंबर को बंद होंगे तुंगनाथ धाम के कपाट

पंचकेदार में तृतीय केदार के रूप में विख्यात भगवान तुंगनाथ धाम के कपाट आगामी 6 नवंबर को शुभ लग्नानुसार शीतकाल के लिए बंद किए जाएंगे। विजयदशमी के अवसर पर मक्कूमठ स्थित भगवान तुंगनाथ के शीतकालीन गद्दी स्थल पर पंचांग गणना के अनुसार कपाट बंद होने की तिथि घोषित की गई।
कपाट बंद होने के बाद भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली धाम से रवाना होकर सुरम्य बुग्यालों से गुजरते हुए प्रथम रात्रि प्रवास के लिए चोपता पहुंचेगी।
7 नवंबर को डोली चोपता से रवाना होकर बनियाकुंड, दुगलविट्टा, मक्कूबैंड, हुंडू और बनातोली होते हुए रात्रि प्रवास के लिए भनकुंड पहुंचेगी। इसके बाद 8 नवंबर को डोली मक्कूमठ स्थित शीतकालीन गद्दी स्थल पर विराजमान होगी। शीतकाल के दौरान श्रद्धालु मक्कूमठ में भगवान तुंगनाथ के दर्शन कर सकेंगे।
16 नवंबर को बंद होंगे मदमहेश्वर धाम के कपाट

पंचकेदार के द्वितीय केदार भगवान मदमहेश्वर धाम के कपाट आगामी 16 नवंबर को सुबह 8:30 बजे वृश्चिक लग्न में शीतकाल के लिए बंद किए जाएंगे। ऊखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर में विजयदशमी के अवसर पर पंचांग गणना के अनुसार कपाट बंद होने की तिथि घोषित की गई।
कपाट बंद होने के बाद भगवान मदमहेश्वर की चल विग्रह उत्सव डोली धाम से रवाना होकर कूनचट्टी, मैखम्बा, नानौ, खटारा और बनातोली होते हुए प्रथम रात्रि प्रवास के लिए गौंडार गांव पहुंचेगी।
17 नवंबर को डोली गौंडार से रवाना होकर राकेश्वरी मंदिर, रांसी पहुंचेगी। 18 नवंबर को डोली उनियाणा, राऊलैंक और मनसूना सहित विभिन्न यात्रा पड़ावों से होते हुए अंतिम रात्रि प्रवास के लिए गिरिया गांव पहुंचेगी।
इसके बाद 19 नवंबर को भगवान मदमहेश्वर की चल विग्रह उत्सव डोली ऊखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर पहुंचेगी और शीतकालीन गद्दी स्थल पर विराजमान होगी। इसके साथ ही शीतकाल के दौरान श्रद्धालु ओंकारेश्वर मंदिर में भगवान मदमहेश्वर के दर्शन कर सकेंगे।
मदमहेश्वर डोली के आगमन पर होगा भव्य मेला
भगवान मदमहेश्वर की चल विग्रह उत्सव डोली के ऊखीमठ पहुंचने पर भव्य मेले का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान धार्मिक परंपराओं के अनुसार पूजा-अर्चना और विभिन्न अनुष्ठान संपन्न होंगे। डोली के आगमन पर श्रद्धालुओं की भागीदारी के साथ धार्मिक आयोजन संपन्न होंगे।
शीतकाल में शीतकालीन गद्दी स्थलों पर होंगे दर्शन
पंचकेदार के तीनों प्रमुख धामों के कपाट बंद होने के बाद उनकी चल विग्रह उत्सव डोलियां परंपरागत यात्रा मार्गों से होते हुए निर्धारित शीतकालीन गद्दी स्थलों पर पहुंचेंगी। भगवान तुंगनाथ मक्कूमठ, जबकि भगवान केदारनाथ और भगवान मदमहेश्वर ऊखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर में विराजमान होंगे।
इस व्यवस्था के तहत शीतकाल में भी श्रद्धालुओं को भगवान के दर्शन का अवसर मिलेगा। कपाट बंद होने की तिथियों की घोषणा के साथ ही केदारनाथ, तुंगनाथ और मदमहेश्वर धाम की शीतकालीन धार्मिक गतिविधियों का कार्यक्रम भी स्पष्ट हो गया है।
#RajsattaPost #UttarakhandNews #KedarnathDham #Tungnath #Madhyamaheshwar

