रोहन राठी हत्याकांड में किसानों का हल्लाबोल, 5 घंटे तक एसएसपी कार्यालय पर धरना; नार्को और पॉलीग्राफ टेस्ट के आश्वासन पर खत्म हुआ आंदोलन
मुजफ्फरनगर। रोहन राठी हत्याकांड में निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग को लेकर बुधवार को मुजफ्फरनगर में किसानों का आक्रोश देखने को मिला। भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने एसएसपी कार्यालय पर पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया। करीब पांच घंटे तक चले धरने के दौरान पुलिस की जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए और अधिकारियों के साथ प्रदर्शनकारियों की तीखी नोकझोंक भी हुई। किसान एसएसपी को कार्यालय से बाहर बुलाकर अपनी बात रखने की मांग पर अड़े रहे। आखिरकार एसएसपी सूरज कुमार राय के हस्तक्षेप और जेल भेजे गए दोनों आरोपियों के नार्को व पॉलीग्राफ टेस्ट कराने के आश्वासन के बाद किसानों ने शाम करीब चार बजे धरना समाप्त कर दिया।
पुलिस की जांच पर उठाए सवाल, अधिकारियों से हुई तीखी बहस
रोहन राठी हत्याकांड को लेकर लंबे समय से न्याय की मांग कर रहे परिजनों और ग्रामीणों की नाराजगी बुधवार को एसएसपी कार्यालय पर देखने को मिली। भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण कार्यालय पहुंचे और मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि हत्याकांड से जुड़े सभी पहलुओं की गहराई से जांच होनी चाहिए, ताकि घटना की सच्चाई सामने आ सके और वास्तविक दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित हो।
धरने के दौरान भाकियू नेता मोनू प्रधान ने क्राइम ब्रांच प्रभारी और पुरकाजी थाना प्रभारी की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाते हुए जांच को लेकर सवाल खड़े किए। उन्होंने मामले में निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जब तक उनकी शंकाओं का समाधान नहीं होगा, तब तक उन्हें पुलिस की जांच पर भरोसा करना मुश्किल होगा।
इसी बीच एसएसपी से बातचीत करने पहुंचे प्रतिनिधिमंडल और अधिकारियों के बीच तीखी बहस भी हुई। इससे धरनास्थल पर माहौल गरमा गया। किसान एसएसपी सूरज कुमार राय को कार्यालय से बाहर बुलाकर सीधे बातचीत करने की मांग पर अड़े रहे। प्रदर्शनकारियों की संख्या और उनके रुख को देखते हुए मामला काफी देर तक चर्चा का विषय बना रहा।
पांच घंटे तक एसएसपी कार्यालय पर डटे रहे किसान
किसानों का धरना करीब पांच घंटे तक जारी रहा। इस दौरान पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बातचीत के प्रयास किए गए, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर कायम रहे। धरने के कारण एसएसपी सूरज कुमार राय, एसपी सिटी अमृत जैन और एसपी देहात अक्षय संजय महादिक समेत अन्य अधिकारियों को कार्यालय से बाहर निकलने के लिए इंतजार करना पड़ा।
मामले की गंभीरता को देखते हुए आखिरकार एसएसपी सूरज कुमार राय खुद प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचे और उनसे बातचीत की। उन्होंने किसानों की बात सुनी तथा हत्याकांड की जांच को लेकर उनकी शंकाओं के समाधान का भरोसा दिलाया। एसएसपी ने आश्वासन दिया कि जेल भेजे गए दोनों आरोपियों के नार्को और पॉलीग्राफ टेस्ट कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। साथ ही जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी।
एसएसपी के इस आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारियों ने धरना समाप्त करने का निर्णय लिया। बुधवार शाम करीब चार बजे किसान एसएसपी कार्यालय से धरना समाप्त कर लौट गए। हालांकि, प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग मामले की सच्चाई सामने लाने और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की है।
क्या है रोहन राठी हत्याकांड?
रोहन राठी पुरकाजी थाना क्षेत्र के हरैटी गांव के प्रधान विवेक राठी का बेटा था। उसका शव 24 सितंबर को गांव के जंगल में खेत के पास मिला था। घटना की जानकारी मिलने के बाद मामला गंभीर हो गया और परिजनों तथा ग्रामीणों ने हत्याकांड का खुलासा कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई।
पुलिस इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। हालांकि, परिजन और ग्रामीण पुलिस की जांच से संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि मामले में कई ऐसे सवाल हैं, जिनका स्पष्ट जवाब सामने आना जरूरी है। इसी असंतोष के चलते ग्रामीणों ने विभिन्न स्तरों पर अपनी मांग उठाई और मामले की जांच केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई से कराने की मांग भी की।
हत्याकांड को लेकर ग्रामीणों के बीच लगातार बनी नाराजगी के कारण मामला पुलिस के लिए भी महत्वपूर्ण बना हुआ है। परिजनों और ग्रामीणों की मांग है कि जांच में किसी भी पहलू को नजरअंदाज न किया जाए और घटना से जुड़े सभी तथ्यों को सामने लाया जाए।
जांच के लिए छह सदस्यीय एसआईटी गठित
मामले की जांच को आगे बढ़ाने के लिए छह सदस्यीय विशेष जांच टीम यानी एसआईटी का गठन किया गया है। जांच के तहत लखनऊ से आई मेडिकोलीगल टीम ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान एसआईटी और साइबर टीम के साथ मिलकर घटनास्थल का सीन रीक्रिएशन किया गया, ताकि घटना से जुड़े तथ्यों और परिस्थितियों को समझने में मदद मिल सके।
जांच एजेंसियां मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं। इसके बावजूद परिजनों और ग्रामीणों की शंकाएं पूरी तरह दूर नहीं हो सकी हैं। इसी वजह से सीबीआई जांच की मांग लगातार उठती रही और आखिरकार बुधवार को किसानों ने एसएसपी कार्यालय पर धरना देकर अपना विरोध दर्ज कराया।
ग्रामीणों की मांग है कि जांच पारदर्शी तरीके से हो और पुलिस की ओर से सामने रखे गए तथ्यों के आधार पर उनकी शंकाओं का समाधान किया जाए। वहीं, एसएसपी की ओर से नार्को और पॉलीग्राफ टेस्ट कराने के आश्वासन के बाद अब आगे की जांच पर सभी की निगाहें टिकी हैं।
अब आगे की जांच पर टिकी निगाहें
रोहन राठी हत्याकांड में बुधवार को हुआ प्रदर्शन फिलहाल एसएसपी के आश्वासन के बाद समाप्त हो गया है, लेकिन मामले को लेकर परिजनों और ग्रामीणों की चिंताएं अभी बनी हुई हैं। किसानों ने धरना समाप्त जरूर कर दिया है, लेकिन उनकी मुख्य मांग घटना की निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना है।
अब देखना होगा कि जेल भेजे गए दोनों आरोपियों के नार्को और पॉलीग्राफ टेस्ट को लेकर पुलिस आगे क्या प्रक्रिया अपनाती है और जांच में कौन-से तथ्य सामने आते हैं। फिलहाल एसएसपी के आश्वासन के बाद आंदोलन समाप्त हो गया है, लेकिन रोहन राठी हत्याकांड में निष्पक्ष जांच और ग्रामीणों की शंकाओं का समाधान पुलिस के सामने अहम चुनौती बना हुआ है।
राजसत्ता पोस्ट पर बने रहें।
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