मुजफ्फरनगर में धूमधाम से मना दशहरा, धूं-धूं कर जला 65 फीट ऊंचा रावण; भ्रष्टाचार के पुतले का भी हुआ दहन
नुमाइश कैंप ग्राउंड में रावण, मेघनाथ और कुंभकरण के पुतलों का दहन, डॉ. संजीव बालियान और मंत्री कपिलदेव अग्रवाल ने संयुक्त रूप से दबाया रिमोट का बटन, हजारों लोग बने साक्षी
मुजफ्फरनगर। जिले में दशहरा पर्व पर बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक रावण दहन उत्सव मंगलवार शाम धूमधाम से मनाया गया। शहर के नुमाइश कैंप ग्राउंड में आयोजित दशहरा उत्सव में हजारों लोगों की मौजूदगी के बीच रावण, मेघनाथ और कुंभकरण के विशाल पुतलों का दहन किया गया। इस बार आयोजन में एक विशेष आकर्षण भ्रष्टाचार के प्रतीक के रूप में तैयार किया गया 15 फीट ऊंचा पुतला भी रहा, जिसे अन्य पुतलों के साथ जलाया गया।
कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी के पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान और राज्यमंत्री कपिलदेव अग्रवाल ने संयुक्त रूप से शाम 7 बजकर 45 मिनट पर रिमोट का बटन दबाकर पुतला दहन किया। बटन दबते ही पुतलों में आग लग गई और देखते ही देखते विशालकाय रावण, मेघनाथ, कुंभकरण और भ्रष्टाचार का पुतला धूं-धूं कर जलने लगा। इस दौरान मैदान में मौजूद लोगों ने उत्साह के साथ दशहरा उत्सव देखा और बुराई पर अच्छाई की जीत के पारंपरिक संदेश का साक्षी बने।
65 फीट ऊंचा रावण और 55 फीट का मेघनाथ बना आकर्षण
नुमाइश कैंप ग्राउंड में इस बार रावण का 65 फीट ऊंचा, मेघनाथ का 55 फीट ऊंचा और कुंभकरण का 50 फीट ऊंचा पुतला तैयार किया गया था। विशालकाय पुतलों को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग मैदान में पहुंचे। पुतला दहन से पहले मैदान में जमकर आतिशबाजी की गई। इसके साथ ही आकर्षक झांकियों और लेजर लाइट की मनमोहक प्रस्तुति ने दशहरा उत्सव की रौनक बढ़ा दी।
जैसे ही पुतलों का दहन शुरू हुआ, मैदान में मौजूद लोगों की नजरें विशालकाय पुतलों पर टिक गईं। आतिशबाजी और रोशनी के बीच पुतलों का दहन कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा। आयोजन में करीब तीन से चार हजार लोगों के पहुंचने का अनुमान रहा।
कॉकरोच के पुतले का नाम बदलकर रखा गया ‘भ्रष्टाचार’
इस बार दशहरा उत्सव में 15 फीट ऊंचे एक अन्य पुतले को लेकर भी काफी चर्चा रही। शुरुआत में इस पुतले को कॉकरोच का प्रतीक बताया गया था, लेकिन पुतला दहन से कुछ घंटे पहले श्रीराम सेवा दल की कमेटी ने आपसी सहमति से इसका नाम बदलकर ‘भ्रष्टाचार’ रख दिया।
आयोजकों ने इस पुतले को समाज में फैली बुराइयों के खिलाफ प्रतीकात्मक संदेश से जोड़कर प्रस्तुत किया। रावण, मेघनाथ और कुंभकरण के साथ भ्रष्टाचार के पुतले का दहन इस बार के उत्सव की खास बात रही। इसके माध्यम से सामाजिक बुराइयों के अंत और सकारात्मक बदलाव का संदेश देने का प्रयास किया गया।
36 वर्षों से दशहरा उत्सव आयोजित कर रहा श्रीराम सेवा दल
नुमाइश कैंप ग्राउंड में दशहरा दहन का आयोजन श्रीराम सेवा दल की ओर से पिछले 36 वर्षों से किया जा रहा है। वर्षों से चली आ रही इस परंपरा के तहत हर साल दशहरा पर्व पर पुतला दहन कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। आयोजकों के मुताबिक, इस बार पुतलों के निर्माण पर करीब दो लाख रुपये खर्च किए गए।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य दशहरा पर्व की परंपरा को आगे बढ़ाने के साथ बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देना रहा। रावण दहन के जरिए लोगों को यह संदेश दिया गया कि समाज में बुराइयों के विरुद्ध खड़े होकर सदाचार और सकारात्मक मूल्यों को बढ़ावा देना जरूरी है।
सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के रहे पुख्ता इंतजाम
दशहरा उत्सव में हजारों लोगों की भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। नुमाइश कैंप ग्राउंड और आसपास के क्षेत्रों में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी, ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।
मौके पर एसपी सिटी अमृत जैन और एएसपी सिद्धार्थ के. मिश्रा सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं की निगरानी करते रहे। वहीं, एसपी ट्रैफिक अतुल चौबे अपनी टीम के साथ यातायात व्यवस्था संभालते रहे। पुलिसकर्मियों ने भीड़ और वाहनों की आवाजाही को व्यवस्थित बनाए रखने के लिए व्यवस्था संभाली।
दशहरा उत्सव के दौरान पालिकाध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप अग्रवाल सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। विशालकाय पुतलों के दहन, आतिशबाजी, आकर्षक झांकियों और लेजर लाइट की प्रस्तुति के बीच नुमाइश कैंप ग्राउंड में दशहरा उत्सव का मुख्य आयोजन संपन्न हुआ। इस तरह मुजफ्फरनगर में दशहरा पर्व पारंपरिक उल्लास के साथ मनाया गया और बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया गया।
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