माउंट लिट्रा जी स्कूल में विज्ञान प्रदर्शनी का भव्य आयोजन, विद्यार्थियों ने मॉडलों के जरिए दिखाई वैज्ञानिक प्रतिभा
मुजफ्फरनगर। गांधी कॉलोनी लिंक रोड स्थित माउंट लिट्रा जी स्कूल में सहोदय स्कूल कॉम्प्लेक्स, मुजफ्फरनगर के सौजन्य से 9 अक्टूबर 2026 को विज्ञान प्रदर्शनी का भव्य आयोजन किया गया। प्रदर्शनी में विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने विज्ञान, तकनीक, पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक नवाचारों पर आधारित मॉडल प्रस्तुत कर अपनी वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता और तकनीकी कौशल का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, तार्किक चिंतन और प्रयोगात्मक ज्ञान को बढ़ावा देना रहा।
कार्यक्रम में जिला पंचायत मुजफ्फरनगर के प्रशासक डॉ. वीरपाल निर्वाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। निर्णायक मंडल में डॉ. अशोक कुमार विरमानी, सुमित शर्मा, योगेश कुमार और डॉ. नीरज कुमार शामिल रहे। विशिष्ट अतिथियों के रूप में पूर्व नगरपालिका चेयरमैन अंजू अग्रवाल, डॉ. आशुतोष शर्मा, डॉ. गीतिका मारवाह, श्वेता बिंदल, वंशिका अग्रवाल, सभासद अमित पटपटिया, सहोदय अध्यक्ष शिवकुमार, सानिया बिंदल, सरदार मंजीत मान, डॉ. अंजली अरोरा और हरेंद्र मलिक सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।

विद्यार्थियों ने मॉडलों के जरिए समझाए वैज्ञानिक सिद्धांत
प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने विभिन्न वैज्ञानिक अवधारणाओं को सरल और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। उनके मॉडलों में नवीनता, उपयोगिता और व्यावहारिक ज्ञान की झलक दिखाई दी। निर्णायकों ने मॉडलों का मूल्यांकन उनकी वैज्ञानिक अवधारणा, प्रस्तुतीकरण, उपयोगिता और रचनात्मकता के आधार पर किया। प्रदर्शनी के माध्यम से विद्यार्थियों ने यह संदेश दिया कि विज्ञान केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं है, बल्कि दैनिक जीवन की समस्याओं के समाधान और भविष्य की तकनीकों के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

इन विद्यालयों ने हासिल किए पुरस्कार
विज्ञान प्रदर्शनी में विभिन्न श्रेणियों के अंतर्गत विद्यालयों को सम्मानित किया गया।
प्रथम पुरस्कार: न्यू वेल्किन पब्लिक स्कूल, सेंट जेवियर्स ग्लोबल स्कूल और माउंट लिट्रा जी स्कूल।
द्वितीय पुरस्कार: डिवाइन ग्रेस पब्लिक स्कूल, वेदांता पब्लिक स्कूल और सिल्वर ओक पब्लिक स्कूल।
तृतीय पुरस्कार: सूर्य देव इंटरनेशनल स्कूल, ज्ञानदीप पब्लिक स्कूल और डिवाइन ग्रेस पब्लिक स्कूल।
सांत्वना पुरस्कार: ग्लोबल पब्लिक स्कूल, न्यू वेल्किन पब्लिक स्कूल, नालंदा पब्लिक स्कूल, जेपीएस पब्लिक स्कूल, इंद्रप्रस्थ पब्लिक स्कूल, गोल्डन पब्लिक स्कूल और पी.आर. पब्लिक स्कूल।
अतिथियों ने विजेता विद्यालयों के विद्यार्थियों और उनके मार्गदर्शक शिक्षकों के प्रयासों की सराहना की तथा वैज्ञानिक सोच को प्रोत्साहित करने वाले ऐसे आयोजनों को विद्यार्थियों के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया।

विद्यार्थियों में नवाचार की भावना विकसित करना उद्देश्य: चारु भारद्वाज
विद्यालय की निर्देशिका श्रीमती चारु भारद्वाज ने कहा कि विज्ञान प्रदर्शनी विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा, कल्पनाशीलता और नवाचार को वास्तविक रूप देने का अवसर प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों में प्रश्न पूछने, नए प्रयोग करने और समस्याओं के समाधान खोजने की प्रवृत्ति विकसित करना आवश्यक है। आज के विद्यार्थी भविष्य में वैज्ञानिक, शोधकर्ता और नवाचार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले नागरिक बनेंगे।
प्रधानाचार्य डॉ. के.जी. अरोरा ने कहा कि विज्ञान शिक्षा विद्यार्थियों में तार्किक सोच, जिज्ञासा और समस्या समाधान की क्षमता विकसित करती है। प्रदर्शनी में प्रस्तुत मॉडलों ने विद्यार्थियों की मेहनत, रचनात्मकता और विषय की समझ को प्रदर्शित किया। उन्होंने कहा कि विद्यालय किताबी ज्ञान के साथ-साथ विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत है, ताकि वे भविष्य की चुनौतियों का आत्मविश्वास से सामना कर सकें।
विद्यालय की ट्रस्टी श्रीमती मंजरी सिंघल और सह-निर्देशक श्री सुनंद सिंघल ने भी विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने, एक-दूसरे के विचारों से सीखने और नए प्रयोग करने का अवसर देते हैं, जो उनके सर्वांगीण विकास में सहायक हैं।

विद्यालय की टीम का रहा महत्वपूर्ण योगदान
कार्यक्रम के सफल आयोजन में विद्यालय एडमिनिस्ट्रेटर वरुण भंडारी, कोऑर्डिनेटर नेहा भाटिया, मीनाक्षी बत्रा, मीनाक्षी मान, आदित्य वर्मा, शालिनी बत्रा, शिव कुमार, अमरकांत, पायल, प्राची, मिताली गर्ग, नफीस जैदी और कुशल सहित विद्यालय की टीम का सहयोग रहा।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय प्रबंधन ने मुख्य अतिथि, निर्णायक मंडल, विशिष्ट अतिथियों, प्रतिभागी विद्यालयों के शिक्षकों और विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया। विज्ञान प्रदर्शनी उत्साह, ज्ञान और रचनात्मकता का केंद्र बनी रही तथा विद्यार्थियों को वैज्ञानिक सोच और नवाचार की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।


