चरथावल में स्वास्थ्य विभाग की छापेमारी पर उठे सवाल, किसान नेता ने लगाए गंभीर आरोप
राजसत्ता पोस्ट|असलम त्यागी
मुजफ्फरनगर जनपद के चरथावल क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की ओर से की जा रही छापेमारी और कार्रवाई को लेकर भारतीय किसान यूनियन (आंदोलनकारी) के युवा प्रदेश अध्यक्ष शाकिर मुखिया ने गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की टीम और सीएचसी प्रभारी पर कथित सांठगांठ के आरोप लगाते हुए कार्रवाई को पक्षपातपूर्ण और महज दिखावा बताया है।
शाकिर मुखिया का आरोप है कि क्षेत्र में संचालित बड़े और कथित रूप से फर्जी अस्पतालों एवं क्लीनिकों के संचालकों को स्वास्थ्य विभाग की टीम के पहुंचने से पहले ही सूचना मिल जाती है। उनका दावा है कि इसके लिए कथित तौर पर व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से छापेमारी की जानकारी साझा कर दी जाती है। सूचना मिलते ही संबंधित अस्पताल और क्लीनिक संचालक अपने प्रतिष्ठानों पर ताला लगा देते हैं, जिससे टीम को मौके पर कार्रवाई का अवसर नहीं मिल पाता।
उन्होंने आरोप लगाया कि इसके विपरीत छोटे क्लीनिकों और ऐसे संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है, जिनकी विभागीय अधिकारियों से कथित रूप से कोई सांठगांठ या मंथली तय नहीं है। संगठन अध्यक्ष ने स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई में समानता और पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े किए हैं।
शाकिर मुखिया ने एक कथित घटना का जिक्र करते हुए कहा कि एक प्रतिष्ठान का शटर गिराए जाने के कुछ ही देर बाद उसे दोबारा उठाकर खोल दिया गया। उनके अनुसार, इस घटना से विभागीय कार्रवाई की निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं और यह भी जांच का विषय है कि आखिर किन परिस्थितियों में बंद किए गए प्रतिष्ठान को दोबारा खोला गया।
उन्होंने कहा कि भारतीय किसान यूनियन (आंदोलनकारी) जल्द ही मुजफ्फरनगर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) को क्षेत्र में संचालित कथित फर्जी अस्पतालों और क्लीनिकों की सूची लिखित रूप में सौंपेगी। संगठन ने मांग की है कि सूची में शामिल प्रतिष्ठानों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करते हुए आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाए।
शाकिर मुखिया ने चेतावनी दी कि यदि स्वास्थ्य विभाग द्वारा कथित अवैध अस्पतालों और क्लीनिकों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, तो संगठन मुजफ्फरनगर सीएमओ कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन करेगा।
वहीं, आरोपों पर चरथावल सीएचसी प्रभारी डॉ. सतेन्द्र कुमार ने बताया कि छापेमारी के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम मुजफ्फरनगर से आई थी और इसमें सीएचसी का कोई हस्तक्षेप नहीं था। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में संचालित अन्य अवैध क्लीनिक और अस्पतालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

