प्रेम प्रसंग, निकाह और ससुराल में न रखने के आरोप, महिला ने सीएम योगी से लगाई मदद की गुहार

राजसत्ता पोस्ट|असलम त्यागी

उत्तर प्रदेश| शामली जनपद शामली की रहने वाली फरजाना ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय की गुहार लगाई है। महिला ने वीडियो संदेश जारी कर अपने पति राहिल और उसके परिवार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। फरजाना का दावा है कि वर्ष 2018 में उसकी राहिल से मुलाकात हुई और दोनों के बीच प्रेम संबंध शुरू हुआ। करीब चार साल तक संबंध में रहने के बाद वर्ष 2022 में वह गर्भवती हुई।

फरजाना के मुताबिक, गर्भवती होने की जानकारी देने पर राहिल ने शादी का भरोसा दिलाया, लेकिन पहले गर्भपात कराने के लिए कहा। महिला का आरोप है कि उसके कहने पर उसका गर्भपात कराया गया। इसके बाद जब उसने शादी की बात कही तो राहिल ने शादी से इनकार कर दिया। फरजाना का कहना है कि बाद में उसने पुलिस से शिकायत की।

महिला के अनुसार, शिकायत के बाद पुलिस ने राहिल के पिता सलीम को बुलाया और दबाव बनाकर शादी कराने की बात कही। फरजाना का दावा है कि इसके बाद तीन दिन में उसकी राहिल से निकाह करा दिया गया। महिला का कहना है कि उसके पास निकाह का प्रमाणपत्र और शादी से संबंधित फोटो भी मौजूद हैं।

फरजाना के अनुसार, निकाह के बाद ससुराल वालों ने उसे कुछ समय बाद घर ले जाने का भरोसा दिया। उससे करीब दो महीने का समय मांगा गया और कहा गया कि राहिल की तबीयत ठीक होने तथा काम लगने के बाद उसके लिए घर में कमरा बनवाकर उसे ले जाएंगे। महिला का आरोप है कि दो महीने बाद जब उसने संपर्क किया तो परिवार के लोगों ने फोन नंबर बदल लिए।

फरजाना का दावा है कि बाद में उसके ससुर सलीम ने फोन पर कहा कि वे उसे अपने घर में नहीं रखेंगे। महिला के मुताबिक, उसे यह भी बताया गया कि राहिल से निकाह केवल उसे कानूनी कार्रवाई से बचाने के लिए कराया गया था। इसके बाद फरजाना ने महिला थाना, एसपी कार्यालय और डीएम कार्यालय सहित कई जगह शिकायतें कीं।

महिला ने अपने वीडियो में यह भी आरोप लगाया कि उसके पिता ने ससुराल पहुंचकर बेटी को घर में रखने की गुहार लगाई थी, लेकिन उनके साथ कथित तौर पर अभद्रता की गई और उन्हें वहां से निकाल दिया गया। फरजाना का दावा है कि इस घटना के बाद उसके पिता काफी समय तक बीमार रहे और बाद में उनका निधन हो गया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

फरजाना ने अपने पति राहिल के बारे में भी दावा किया है कि वह पिछले कई वर्षों से सामने नहीं आया है और परिवार के लोगों को उसके बारे में जानकारी है। महिला ने अपने पति के परिवार के कई सदस्यों पर मिलीभगत के आरोप लगाए हैं। इन आरोपों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

महिला का कहना है कि पिता की मौत के बाद उसके पास रहने का कोई स्थायी ठिकाना नहीं है और वह अपनी बहन के साथ रह रही है। उसने पुलिस-प्रशासन से अपने वैवाहिक अधिकार और ससुराल में रहने का अधिकार दिलाने की मांग की है।

सीएम योगी से लगाई गुहार

फरजाना ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भावुक अपील करते हुए कहा कि जिस तरह अन्य महिलाओं को न्याय दिलाया जाता है, उसी तरह उसे भी न्याय दिलाया जाए। महिला ने कहा कि यदि उसे न्याय नहीं मिला तो वह आत्महत्या करने के लिए मजबूर हो सकती है। उसने अपनी मौत के लिए ससुराल पक्ष के कई लोगों को जिम्मेदार ठहराया है।

शामली पुलिस का पक्ष

वहीं, शामली पुलिस के अनुसार थाना कोतवाली शामली पुलिस द्वारा मामले की जांच की गई। पुलिस के मुताबिक, प्रकरण पति-पत्नी के पारिवारिक विवाद एवं भरण-पोषण से संबंधित पाया गया है। मामला परिवार न्यायालय, शामली में विचाराधीन है तथा न्यायालय की ओर से रिकवरी वारंट भी जारी किए जा चुके हैं।

पुलिस का कहना है कि आवेदिका को पूर्व में ही विधिक प्रक्रिया के बारे में अवगत कराया जा चुका है। पुलिस ने महिला द्वारा पुलिस पर लगाए गए आरोपों को तथ्यहीन एवं निराधार बताया है। फिलहाल फरजाना द्वारा लगाए गए आरोपों और पुलिस के पक्ष के बीच मामला न्यायिक प्रक्रिया में है। महिला की मुख्यमंत्री से गुहार और उसके द्वारा आत्महत्या की बात कहे जाने के बाद मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।

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