16 साल पुराने राजबीर हत्याकांड में दो दोषियों को फांसी की सज़ा, अदालत बोली-लोकतंत्र की पीठ में घोंपा गया छुरा

राजसत्ता पोस्ट |असलम त्यागी

मुजफ्फरनगर जनपद के बहुचर्चित राजबीर सिंह हत्याकांड में 16 वर्ष बाद सोमवार को ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए एडीजे/एफटीसी कोर्ट नंबर-3 ने दो दोषियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई। अदालत ने सहदेव उर्फ पप्पू पुत्र हरवीर सिंह, निवासी थाना तितावी और प्रमोद पुत्र शीतल सिंह, निवासी ग्राम मांडी, थाना तितावी को फांसी की सजा के साथ एक-एक लाख रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया। फैसला एडीजे/एफटीसी कोर्ट नंबर-3 के पीठासीन अधिकारी रवि कुमार दिवाकर ने सुनाया।

यह मामला 24 अगस्त 2010 का है, जब तितावी थाना क्षेत्र के मांडी गांव निवासी 60 वर्षीय किसान राजबीर सिंह की खेत पर काम करते समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद उनके पुत्र प्रदीप कुमार ने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस जांच में चुनावी रंजिश का मामला सामने आया और तत्कालीन ग्राम प्रधान प्रमोद व उसके साथी सहदेव उर्फ पप्पू के नाम प्रकाश में आए। जांच में यह भी सामने आया कि हत्या की साजिश रचकर शूटरों के माध्यम से वारदात को अंजाम दिया गया था। इस मामले के दो अन्य आरोपी अमित और विपिन शर्मा बाद में पुलिस मुठभेड़ में मारे गए थे।

सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत में आठ अहम गवाह और मजबूत साक्ष्य प्रस्तुत किए। अदालत ने अपने फैसले में टिप्पणी करते हुए कहा कि यह केवल एक व्यक्ति की हत्या नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था पर हमला था। लंबे समय तक चली सुनवाई के बाद 30 जून 2026 को दोनों आरोपियों को दोषी ठहराया गया था, जबकि 6 जुलाई को सजा पर फैसला सुनाया गया।

मुजफ्फरनगर पुलिस ने ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत प्रभावी पैरवी करते हुए मुकदमे को मजबूत ढंग से न्यायालय में प्रस्तुत किया। अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी कुलदीप कुमार ने पैरवी की, जबकि पुलिस की ओर से पैरोकार अंकित कुमार ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। थाना तितावी में दर्ज मुकदमा संख्या 550/2010 (धारा 302/34 भादवि) में आए इस फैसले को जनपद की बड़ी न्यायिक सफलता माना जा रहा है।

इस बीच, मृतक राजबीर सिंह का परिवार एक अन्य चर्चित दोना फैक्ट्री प्रकरण को लेकर भी कानूनी कार्रवाई का सामना कर रहा है। राजबीर के पुत्र प्रदीप कुमार पहले से जेल में हैं, जबकि पौत्र अंकित बालियान ने हरियाणा के होडल में आत्मसमर्पण किया है। इस मामले में हरियाणा पुलिस ने राजबीर के दूसरे पुत्र विपिन को भी आरोपी बनाया है। हालांकि यह मामला राजबीर हत्याकांड से अलग है और इसकी जांच जारी है।

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