मुजफ्फरनगर जिला सहकारी बैंक के सभापति ठाकुर रामनाथ सिंह समेत तीन संचालक पदमुक्त, हाईकोर्ट का बड़ा फैसला
मुजफ्फरनगर। जिला सहकारी बैंक से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जिला सहकारी बैंक के सभापति ठाकुर रामनाथ सिंह समेत तीन संचालकों को पद से हटाने का आदेश जारी किया है। हाईकोर्ट के 27 पेज के आदेश के बाद तीनों के पद पर बने रहने की स्थिति समाप्त हो गई है।

हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार सभापति ठाकुर रामनाथ सिंह के अलावा संचालक बिजेंद्र मलिक एडवोकेट और पंकज पाल भी अपने-अपने संचालक पद से पदमुक्त हो गए हैं। मामले में हाईकोर्ट की ओर से 27 पेज का आदेश जारी किया गया है।
समितियों के पुनर्गठन से जुड़ा था मामला
बताया गया है कि मामले की सुनवाई हाईकोर्ट की सीनियर बेंच के न्यायमूर्ति जे.जे. मुनीर और न्यायमूर्ति इंद्रजीत शुक्ला ने की। संजय जैन बनाम सरकार मामले में याचिकाकर्ता सचिन जैन की ओर से करीब छह महीने पहले रिट याचिका दाखिल की गई थी।
याचिका में समितियों के विभाजन और पुनर्गठन के बाद संबंधित प्रतिनिधियों के अपनी पुरानी समितियों के बोर्ड का हिस्सा नहीं रहने का मुद्दा उठाया गया था। इसी आधार पर संबंधित प्रतिनिधियों के संचालक पद की वैधता को चुनौती दी गई थी।
जून 2023 में चुने गए थे सभापति
बता दें कि जून 2023 में ठाकुर रामनाथ सिंह को जिला सहकारी बैंक का सभापति चुना गया था। अब समितियों के पुनर्गठन से जुड़े मामले में हाईकोर्ट के फैसले के बाद उनका सभापति पद पर बने रहना समाप्त हो गया है।
इसी आदेश के तहत बिजेंद्र मलिक एडवोकेट और पंकज पाल भी संचालक पद से पदमुक्त हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार, ठाकुर रामनाथ सिंह खेड़ा मस्तान समिति, बिजेंद्र मलिक पीनना समिति और पंकज पाल मुजफ्फरनगर पश्चिमी समिति से जुड़े हुए हैं।
हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद जिला सहकारी बैंक से जुड़े राजनीतिक और सहकारी क्षेत्र में हलचल बढ़ गई है। फिलहाल हाईकोर्ट के आदेश के बाद सभापति समेत तीनों संचालकों का पद पर बने रहना समाप्त हो गया है।
#RajsattaPost #Muzaffarnagar #UPNews #CooperativeBank #MuzaffarnagarNews

