बरला में त्यागी भूमिहार ब्राह्मण सामाजिक चिंतन सम्मेलन, मांगेराम त्यागी स्याना वाले बने राष्ट्रीय अध्यक्ष
मुजफ्फरनगर। छपार क्षेत्र के गांव बरला स्थित संगम बैंक्विट हॉल में रविवार को त्यागी भूमिहार ब्राह्मण सामाजिक चिंतन सम्मेलन 2026 का भव्य आयोजन किया गया। सम्मेलन में समाज की एकजुटता, राजनीतिक भागीदारी, घटती जनसंख्या, युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति, दहेज प्रथा, शादियों में फिजूलखर्ची और तेरहवीं पर होने वाले ब्रह्मभोज जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने सामाजिक कुरीतियों को दूर करने, बुजुर्गों का सम्मान करने, युवाओं को शिक्षा के प्रति जागरूक बनाने और समाज को संगठित करने का आह्वान किया। सम्मेलन में बुलंदशहर के स्याना निवासी वरिष्ठ किसान नेता मांगेराम त्यागी को सर्वसम्मति से त्यागी भूमिहार ब्राह्मण महासभा का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ संत शिरोमणि भैयादास जी महाराज ने भगवान परशुराम के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया। सम्मेलन में गाजियाबाद, हापुड़, देहरादून, सहारनपुर सहित विभिन्न क्षेत्रों से समाज के लोग पहुंचे। इस दौरान समाज के वर्तमान हालात, भविष्य की दिशा और सामाजिक व राजनीतिक स्तर पर प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करने को लेकर विचार-विमर्श किया गया।
मांगेराम त्यागी को सौंपी राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी
सम्मेलन के दौरान वरिष्ठ किसान नेता मांगेराम त्यागी स्याना वाले को सर्वसम्मति से पगड़ी बांधकर त्यागी भूमिहार ब्राह्मण महासभा का राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया गया। इसके साथ ही सुनील त्यागी उर्फ टीटू को संरक्षक और अक्षू त्यागी को युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई। नई जिम्मेदारियां मिलने पर समाज के लोगों ने पदाधिकारियों से संगठन को मजबूत करने और समाजहित के मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाने की अपेक्षा जताई।
नवनियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष मांगेराम त्यागी ने अपने संबोधन में अक्षू त्यागी के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने के लिए अक्षू त्यागी ने जो त्याग किया है, वह अविस्मरणीय है। उन्होंने कहा कि वह पिछले 32 वर्षों से देशभर में किसान-मजदूरों के हक की लड़ाई लड़ रहे हैं और समाज के मान-सम्मान के लिए हमेशा संघर्ष करते रहेंगे। उन्होंने समाज के लोगों से एकजुट होकर आगे बढ़ने और सामाजिक हितों के लिए मिलकर काम करने की अपील की।
शादियों और तेरहवीं में फिजूलखर्ची रोकने का आह्वान
सम्मेलन में सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने पर विशेष जोर दिया गया। मांगेराम त्यागी ने कहा कि शादियों और तेरहवीं जैसे आयोजनों में अनावश्यक खर्च से बचना चाहिए। समाज के लोगों को ऐसे आयोजनों में सादगी अपनानी चाहिए, ताकि परिवारों पर आर्थिक बोझ कम हो और संसाधनों का उपयोग बच्चों की शिक्षा तथा परिवार के भविष्य को बेहतर बनाने में किया जा सके।
वक्ताओं ने दहेज प्रथा पर चिंता जताते हुए इसे समाप्त करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि विवाह समारोहों में दिखावे और फिजूलखर्ची के बजाय सादगी को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। साथ ही, बुजुर्गों के सम्मान, पारिवारिक संस्कारों की रक्षा और आपसी भाईचारे को मजबूत करने की अपील की गई।
युवाओं को नशे से दूर रहकर शिक्षा पर ध्यान देने की अपील
सम्मेलन में युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति को गंभीर विषय बताते हुए वक्ताओं ने चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि समाज के भविष्य को मजबूत बनाने के लिए युवाओं को नशे से दूर रखना और उन्हें शिक्षा के प्रति प्रेरित करना जरूरी है। युवाओं से अपनी ऊर्जा सकारात्मक कार्यों, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक जिम्मेदारियों में लगाने का आह्वान किया गया।
वक्ताओं ने कहा कि समाज की प्रगति केवल संगठन बनाने से नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारियों को समझने और उन्हें व्यवहार में अपनाने से संभव है। इसके लिए परिवारों, सामाजिक संगठनों और वरिष्ठ लोगों को मिलकर प्रयास करने होंगे। घटती जनसंख्या और समाज की भावी पीढ़ियों से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की गई।
राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने पर जोर
सम्मेलन में समाज की राजनीतिक भागीदारी का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष अक्षू त्यागी ने कहा कि त्यागी समाज को राजनीति में अपेक्षित भागीदारी नहीं मिल पा रही है। उन्होंने समाज के लोगों से आपसी मतभेद दूर कर एकजुट होने और अपने अधिकारों व हितों के लिए संगठित होकर आवाज उठाने की अपील की।
अक्षू त्यागी ने सामाजिक परंपराओं में सुधार की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि तेरहवीं के आयोजनों में सादगी अपनाई जानी चाहिए। उन्होंने तेरहवीं में पगड़ी का रंग सफेद रखने की बात भी कही। उन्होंने यूजीसी के नियमों के विरोध में हरिद्वार से दिल्ली तक निकाली गई पदयात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि इन मुद्दों को लेकर उनका विरोध आगे भी जारी रहेगा।
यूजीसी के नियमों का विरोध, आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग
सम्मेलन के दौरान यूजीसी के नए नियमों को लेकर भी वक्ताओं ने अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने केंद्र सरकार से इन नियमों को वापस लेने की मांग उठाई और इन्हें स्वर्ण विरोधी बताते हुए विरोध जारी रखने की बात कही। वक्ताओं ने आरक्षण व्यवस्था को जातिगत आधार के बजाय आर्थिक स्थिति के आधार पर लागू किए जाने की वकालत की।
नवनियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष मांगेराम त्यागी ने यूजीसी के नए नियमों का विरोध करते हुए कहा कि सरकार को समाज की चिंताओं पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इन मुद्दों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो 2027 के विधानसभा चुनाव में सरकार को राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। उन्होंने गौरव हत्याकांड का खुलासा किए जाने की मांग भी उठाई।
सामाजिक एकजुटता और संस्कारों की रक्षा का संकल्प
सम्मेलन में वक्ताओं ने कहा कि समाज को मजबूत बनाने के लिए आपसी एकता, शिक्षा, संस्कार और सामाजिक जिम्मेदारी को प्राथमिकता देनी होगी। दहेज प्रथा, नशाखोरी और फिजूलखर्ची जैसी समस्याओं के खिलाफ सामूहिक प्रयास करने की जरूरत है। साथ ही, बुजुर्गों के अनुभव का लाभ लेकर नई पीढ़ी को सही दिशा देने और समाजहित के मुद्दों पर संगठित रहने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम के माध्यम से समाज के लोगों से अपील की गई कि वे व्यक्तिगत मतभेदों से ऊपर उठकर सामाजिक हितों के लिए एक मंच पर आएं। वक्ताओं ने उम्मीद जताई कि संगठन के माध्यम से समाज की समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठाने और सामाजिक सुधार की दिशा में ठोस पहल करने में मदद मिलेगी।
ये रहे मौजूद
कार्यक्रम का आयोजन सुनील त्यागी ने किया, जबकि मंच का संचालन राकेश त्यागी आडवाणी ने किया और अध्यक्षता श्यामवीर त्यागी ने की। सम्मेलन में संत शिरोमणि भैयादास जी महाराज, जिला बार संघ के अध्यक्ष प्रमोद त्यागी, बॉबी त्यागी, देवबंद ब्लॉक प्रमुख विजय त्यागी, परमात्मा शरण त्यागी, हरिओम प्रधान, संजीव त्यागी पुरा, अमित त्यागी, विपिन त्यागी, जिला पंचायत सदस्य विपिन त्यागी, ब्रजभूषण त्यागी, शुभम त्यागी बरला, आशीष त्यागी बेहड़ी, अनिल त्यागी अध्यक्ष गन्ना समिति, हरिओम त्यागी, भोला त्यागी, संजू त्यागी, जितेंद्र त्यागी, बृजेश त्यागी, सोनू त्यागी, पंकज त्यागी, मुनेश त्यागी, एडवोकेट संदीप त्यागी, रोमांस त्यागी, नीरज त्यागी केंदुकी, प्रिंस त्यागी, रविकांत त्यागी, सीताराम त्यागी, रजत त्यागी, संजू त्यागी खाईखेड़ी, सत्तू नेताजी खाईखेड़ी, अमित त्यागी घलौली, सोनू त्यागी गली, यथार्थ त्यागी, प्रधान देवशर्मा त्यागी, अमित त्यागी केंदुकी, शालू प्रधान जड़ौदा पांडा और नितिन त्यागी जड़ौदा पांडा सहित बड़ी संख्या में समाज के गणमान्य लोग मौजूद रहे।
सम्मेलन का समापन समाज को संगठित करने, सामाजिक कुरीतियों को दूर करने, युवाओं को नशे से बचाने, शिक्षा को बढ़ावा देने और राजनीतिक भागीदारी मजबूत करने के संकल्प के साथ हुआ।
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