चमोली में लोकपाल लक्ष्मण मंदिर के कपाट खुले, चार माह तक श्रद्धालु कर सकेंगे दर्शन
उत्तराखंड के जनपद चमोली स्थित उच्च हिमालयी क्षेत्र की भ्यूंडार घाटी में स्थित पवित्र लोकपाल लक्ष्मण मंदिर के कपाट आज विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए। शुभ मुहूर्त में सुबह 11 बजकर 15 मिनट पर मंदिर के कपाट खोले गए, जिसके बाद अब आगामी चार माह तक श्रद्धालु यहां दर्शन और पूजा-अर्चना कर सकेंगे।
समुद्र तल से करीब 15,225 फीट की ऊंचाई पर स्थित यह पवित्र धाम दंडी पुष्कर्णी सरोवर के समीप मौजूद है। लोकपाल लक्ष्मण मंदिर धार्मिक आस्था के साथ-साथ प्राकृतिक सौंदर्य, आध्यात्म और हिमालयी संस्कृति का अनूठा केंद्र माना जाता है। कपाट खुलने के अवसर पर मंदिर परिसर में श्रद्धा और भक्ति का माहौल देखने को मिला।
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार भगवान राम के अनुज लक्ष्मण ने त्रेतायुग में इसी स्थान पर तपस्या की थी। यही कारण है कि यह मंदिर विशेष महत्व रखता है और इसे लक्ष्मण तपस्थली के रूप में भी जाना जाता है।
लोकपाल लक्ष्मण मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता यह मानी जाती है कि यहां लक्ष्मण की पूजा भगवान राम और माता सीता की प्रतिमा के बिना की जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार यह देश का ऐसा प्रमुख मंदिर है जहां लक्ष्मण की स्वतंत्र रूप से पूजा-अर्चना की जाती है।
कपाट खुलने के अवसर पर मंदिर समिति के सदस्य, स्थानीय ग्रामीण और श्रद्धालु बड़ी संख्या में मौजूद रहे। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि और मंगल कामना की।
मंदिर तक पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए स्थानीय स्तर पर आवश्यक व्यवस्थाएं भी की गई हैं। आने वाले चार महीनों तक बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के यहां पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
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