लखनऊ। सूबे के लगभग 16 लाख राज्य कर्मचारियों, शिक्षकों व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को बीती पहली जुलाई से चार प्रतिशत की बढ़ी हुई दर से महंगाई भत्ता (डीए) मिलेगा। कर्मचारियों को पहली जुलाई से मूल वेतन के 38 प्रतिशत की दर से डीए का भुगतान किया जाएगा। अभी तक उन्हें 34 प्रतिशत की दर से डीए दिया जा रहा था।

अक्टूबर के वेतन के साथ होगा डीए का नकद भुगतान

  • पहली जुलाई से 30 सितंबर तक बढ़े डीए की धनराशि कर्मचारियों के भविष्य निधि खाते (जीपीएफ) में जमा होगी। कर्मचारियों को अक्टूबर के वेतन के साथ डीए का नकद भुगतान किया जाएगा।
  • डीए बढ़ाने के प्रस्ताव को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंजूरी मिलने के बाद वित्त विभाग ने इस बारे में मंगलवार को शासनादेश जारी कर दिया है।
  • बढ़े डीए का लाभ राज्य सरकार, सहायताप्राप्त शिक्षण व प्राविधिक शिक्षण संस्थानों और शहरी स्थानीय निकायों के सभी नियमित व पूर्णकालिक कर्मचारियों, कार्य प्रभारित कर्मचारियों और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग वेतनमानों में कार्यरत पदधारकों को मिलेगा।
  • शासनादेश के मुताबिक एरियर की राशि कर्मचारियों के जीपीएफ खाते में एक अक्टूबर 2023 तक जमा रहेगी और उसे अंतिम निकासी के मामलों को छोड़कर इस तिथि से पहले नहीं निकाला जा सकेगा।
  • राष्ट्रीय पेंशन योजना के दायरे में आने वाले कर्मचारियों को पहली जुुलाई से 30 सितंबर तक के बढ़े डीए के एरियर की 10 प्रतिशत राशि उनके टियर-1 पेंशन खाते में जमा की जाएगी और 90 प्रतिशत धनराशि उन्हें राष्ट्रीय बचत पत्र के रूप में दी जाएगी।

इन्‍हें भी म‍िलेगा डीए के बकाये की पूरी धनराशि का नकद भुगतान

जिन अधिकारियों या कर्मचारियों की सेवाएं इस शासनादेश के जारी होने की तारीख से पहले खत्म हो गई हों या जो पहली जुलाई 2022 से लेकर शासनादेश जारी होने की तारीख तक सेवानिवृत्त हुए हों या छह महीने के अंदर रिटायर होने वाले हों, उनको डीए के बकाये की पूरी धनराशि का नकद भुगतान किया जाएगा।

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