नई दिल्ली. पश्चिम बंगाल सरकार ने ‘द केरला स्टोरी’ फिल्म पर बैन लगाने के मामले को लेकर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में अपना हलफनामा दाखिल कर दिया. बंगाल सरकार ने राज्य में इस फिल्म पर बैन लगाने के फैसले को सही ठहराते हुए हलफनामे में दलील दी कि ‘द केरला स्टोरी’ फिल्म मनगढ़ंत तथ्यों पर आधारित है और इसमें हेट स्पीच का इस्तेमाल किया गया है.

पश्चिम बंगाल सरकार ने अपने हलफनामे में साथ ही कहा है कि ‘राज्य सरकार को खुफिया विभाग से पता चला है कि अगर फिल्म की स्क्रीनिंग की अनुमति दी गई तो पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था बिगड़ सकती है.’

पश्चिम बंगाल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा, ‘फिल्म की कहानी में तथ्यों से छेड़छाड़ की गई है और इसमें अभद्र तथा नफरती भाषा का इस्तेमाल किया गया है. अगर फिल्म के रिलीज की इजाजत दी जाती है तो राज्य में सांप्रदायिक सौहार्द और कानून व्यवस्था बिगड़ने की स्थिति बन सकती है.’

पश्चिम बंगाल सरकार ने कहा कि फिल्म की स्क्रीनिंग से कई समूहों के बीच झड़प होने की आशंका पैदा हो सकती है. इसलिए घृणा और हिंसा की किसी भी घटना से बचने के लिए राज्य में फिल्म पर प्रतिबंध लगाया गया है.’

पश्चिम बंगाल सरकार ने कहा, ‘फिल्म पर प्रतिबंध लगाने के पीछे खुफिया जानकारी के आधार पर एक नीतिगत निर्णय था. इससे याचिकाकर्ताओं के मौलिक अधिकारों का कोई उल्लंघन नहीं हुआ है और वित्तीय नुकसान को मौलिक अधिकारों के उल्लंघन के रूप में पेश नहीं किया जा सकता है.’

बता दें कि पश्चिम बंगाल सरकार ने ‘द केरला स्टोरी’ के सिनेमाघरों में प्रदर्शित होने के 3 दिन बाद इस फिल्म पर प्रतिबंध लगा दिया था. राज्य सरकार के इस फैसले के खिलाफ फिल्म निर्माताओं ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी, जिस पर अदालत ने बंगाल सरकार से जवाब तलब किया था. सुप्रीम कोर्ट अब इस मामले में बुधवार को सुनवाई करेगा.

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