नई दिल्ली: ओडिशा के बालासोर में रूह कंपा देने वाले हादसे के बाद रेलवे का सेफ्टी सिस्टम सवालों में है। ट्रेनों की टक्कर रोकने के लिए रेलवे ने कवच सिस्टम शुरू किया था लेकिन जिस रूट पर यह हादसा हुआ, वहां अभी कवच सिस्टम नहीं लगाया गया है। ट्रेन हादसा क्यों हुआ, अभी तक इसकी सही जानकारी सामने नहीं आई है। शुरुआती जांच के बाद कहा गया कि सिग्नल में गड़बड़ी के कारण हादसा हुआ। रेल मंत्रालय ने जांच का जिम्मा रेलवे सेफ्टी कमिश्नर को सौंपा है। जांच टीम मौके पर पहुंच गई है।

क्या है हादसे की वजह

रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि हावड़ा जा रही 12864 बेंगलुरु-हावड़ा सुपरफास्ट एक्सप्रेस के कई डिब्बे बाहानगा बाजार के पास पटरी से उतरे और बगल के रेल ट्रैक पर जा गिरे। जहां ये बेपटरी हुए डिब्बे 12841 शालीमार-चेन्नै कोरोमंडल एक्सप्रेस से टकरा गए और इसके डिब्बे भी पलट गए। इस टक्कर के बाद कोरोमंडल और बेंगलुरु हावड़ा सुपरफास्ट एक्सप्रेस, दोनों के ही बेपटरी हुए डिब्बे बगल की लूपलाइन में खड़ी मालगाड़ी से टकरा गए, जिससे मालगाड़ी भी हादसे की चपेट में आ गई। रेलवे प्रवक्ता अमिताभ शर्मा ने बताया कि पहले कोरोमंडल एक्सप्रेस पटरी से उतरी और इसके 10-12 डिब्बे बेंगलुरु-हावड़ा एक्सप्रेस की पटरी पर जा गिरे।

उठ रहे हैं कई सवाल

इस भयंकर हादसे पर तमाम सवाल उठाए जा रहे हैं। सवाल है कि क्या पटरियों में पहले से कोई कमी थी, क्या पटरियों की रूटीन जांच में काई लापरवाही बरती गई, क्या किसी ने पटरियों के साथ छेड़छाड़ की, क्या डिरेल का कारण ट्रेन की तेज रफ्तार थी, जीपीएस मॉनिटरिंग में ट्रेन हादसे का पता क्यों नहीं चला, क्या ट्रेन का ऑटोमैटिक ब्रेक्रिंग सिस्टम फेल हुआ, क्या हादसे के पीछे कोई साजिश है। ऐसे तमाम सवालों पर रेलवे के अधिकारियों का कहना है कि जब तक जांच रिपोर्ट नहीं आ जाती, तब तक कुछ भी कहना मुश्किल है कि हादसा किस वजह से हुआ।

रेलवे सेफ्टी कमिश्नर को जांच

इस भीषण रेल हादसे की उच्चस्तरीय जांच शुरू हो गई है। जांच टीम की अध्यक्षता दक्षिण-पूर्वी प्रखंड के रेलवे सेफ्टी कमिश्नर ए. एम. चौधरी करेंगे। उनकी टीम मौके पर पहुंच गई है। रेलवे सेफ्टी कमिश्नर नागर विमानन मंत्रालय के अधीन काम करते हैं। जांच का काम शुरू हो गया है। वह हर पहलु पर जांच करेगी। हालांकि जांच रिपोर्ट कब तक आएगी, यह तय नहीं किया गया है।

रेल मंत्री ने कहा, राहत पर जोर

हादसे की जगह पहुंचे रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बालासोर में शनिवार को उस जगह पहुंचे, जहां शुक्रवार को भीषण रेल दुर्घटना हुई थी। रेल मंत्री ने कहा कि मेन फोकस राहत और बचाव अभियान पर है। बचाव और राहत कार्य के लिए 1200 से ज्यादा कर्मी लगे हैं। इनमें NDRF के 300 से ज्यादा कर्मी हैं। ये लोग मेटल कटर, खोजी कुत्तों और अन्य भारी उपकरणों की मदद से बचाव कार्यों को अंजाम दे रहे हैं। इस हादसे में दोनों ट्रेने का ड्राइवर और गार्ड भी घायल हैं।

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