केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ संजीव बालियान के प्रयास से खुली हरित प्रदेश दुग्ध उत्पादक कंपनी से किसानों को लाभ होगा-अशोक बालियान

राजसत्ता पोस्ट न्यूज़ पोर्टल अनुज त्यागी 817660000

केंद्रीय राज्यमंत्री डा0 संजीव बालियान के प्रयास से खुली हरित प्रदेश दुग्ध उत्पादक कंपनी से किसानों को लाभ होगा-अशोक बालियान, चेयरमैन, पीजेंट वेलफेयर एसोसिएशन

पश्चिमी यूपी के 17,000 डेयरी किसानों द्वारा बनाई गई और स्वामित्व वाली संगठन ‘हरित प्रदेश दुग्ध उत्पादक कंपनी’ का उद्घाटन केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी राज्य मंत्री डॉ. संजीव कुमार बालियान द्वारा किया गया था।
केंद्रीय राज्यमंत्री डा0 संजीव बालियान के प्रयास से हरित प्रदेश दुग्ध उत्पादक कंपनी मुजफ्फरनगर, बुलंदशहर, शामली, मेरठ, बिजनौर, हापुड़ और सहारनपुर के पशुपालक और किसानों के लिए शुरू की गई है। इसे सामुदायिक केंद्र की तरह किसान चलाएंगे। हर किसान इसमें 500 रुपये के पांच शेयर लें सकेंगे
केंद्रीय राज्यमंत्री डा0 संजीव बालियान ने बताया है कि हरित प्रदेश दुग्ध उत्पादक कंपनी को पश्चिम क्षेत्र के किसानों के लिए बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि हरित प्रदेश दुग्ध उत्पादक कंपनी के द्वारा पश्चिम उत्तर प्रदेश के दुग्ध उत्पादक किसानों को बेहतर लाभ के साथ बिचौलियों से बचाना है और उन्हें अच्छे पैसे दिलाना है।


पीजेंट वेलफेयर एसोसिएशन के पेटर्न बोर्ड के चेयरमैन सुभाष चौधरी का कहना है कि डा0 संजीव बालियान के प्रयासों से हरित प्रदेश दुग्ध उत्पादक कंपनी की शुरुआत हुई है यह कम्पनी मदर डेयरी से जुडी है, जो किसानो द्वारा संकलित दूध को उपभोगताओं तक पहुंचने की अहम् भूमिका निभा रही है। यह कम्पनी भी शुरुआत में मदर डेयरी के माध्यम से किसानों के दूध को एकत्र करेगी।
पीजेंट वेलफेयर एसोसिएशन के चेयरमैन अशोक बालियान ने डा0 संजीव बालियान से अनुरोध किया है कि मुज़फ्फरनगर सहित पश्चिम उत्तर प्रदेश के जनपदों में बेबी कॉर्न की खेती की शुरुआत के लिए सरकारी सत्र पर प्रयास होने चाहिए। लघु एवं सीमांत किसानों के लिए इसकी खेती काफी फायदेमंद हो सकती है। झारखंड के लोहदरगा जिले के रामनगर के रहने वाले किसान रामवृक्ष महतो ने मदर डेयरी से ट्रेनिंग लेकर स्वीट कॉर्न की खेती शुरू की है, और इससे इस किसान को काफी लाभ हुआ है।


किसान नेता राजू अहलावत का कहना है कि मक्का के अपरिपक्व भुट्टे को बेबी कॉर्न कहा जाता है, जो सिल्क की 1-3 सेमी लंबाई वाली अवस्था तथा सिल्क आने के 1-3 दिनों के अंदर तोड़ लिया जाता है। इसकी खेती एक वर्ष में तीन से चार बाज की जा सकती है। बेबी कॉर्न की फसल रबी में 110-120 दिनों में, जायद में 70-80 दिनों में तथा खरीफ के मौसम में 55-65 दिनों में तैयार हो जाती है। एक एकड़ जमीन में बेबीकॉर्न फसल में 15 हजार रुपए का खर्च आता है जबकि कमाई एक लाख रुपए तक हो सकती है। साल में चार बार फसल लेकर किसान चार लाख रुपए तक कमा सकता है।
मदर डेयरी संस्थान किसानों को ट्रेनिंग के माध्यम से आधुनिक तरीके से खेती का तरीका बताती है। पश्चिम उत्तर प्रदेश के किसानों को इस तरफ बढ़ना चाहिए।

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