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पर्यटन स्थल मसूरी और नैनीताल में आखिर क्यों बुकिंग निरस्त कराने लगे पर्यटक, जानिए वजह

मसूरी। कोरोना संक्रमण की बढ़ती रफ्तार का असर अब पर्यटन कारोबार पर भी पड़ने लगा है। मसूरी और नैनीताल के होटलों में पर्यटकों ने बुकिंग निरस्त करानी शुरू कर दी है। मसूरी में तीस बुकिंग निरस्त कर दी गई, वहीं नैनीताल में इसमें 15 से 20 फीसद की कमी आई है। इसके अलावा अब पूछताछ के लिए फोन आने भी कम हो गए हैं। इस बदलाव से पर्यटन कारोबारी चिंतित हैं।

महाराष्ट्र, दिल्ली, राजस्थान, पंजाब और मध्य प्रदेश समेत उत्तराखंड में भी कोरोना संक्रमण के मामलों में उछाल आया है। हालात को देखते हुए प्रदेश सरकार ने प्रभावित राज्यों से उत्तराखंड आने वालों के लिए आरटीपीसीआर टेस्ट की निगेटिव रिपोर्ट अनिवार्य कर दी है। उत्तराखंड होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष संदीप साहनी ने बताया कि इस बार सप्ताहांत के लिए मसूरी के होटलों को अच्छी बुकिंग मिली थी, लेकिन सरकार की नई गाइडलाइन के बाद पयर्टकों ने बुकिंग निरस्त कराना शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही नई बुकिंग के लिए पूछताछ में भी कमी आई है।

मसूरी होटल एसोसिएशन के महामंत्री संजय अग्रवाल ने बताया कि चारधाम यात्रा शुरू होने वाली है और ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन भी शुरू हो चुका है, लेकिन चिंता की बात यह है कि बीते साल की तरह से यह सीजन भी बेकार न चला जाए। मसूरी के होटल जेपी रेसीडेंसी के वाइस प्रेसीडेंट अनिल शर्मा ने बताया कि सरकार की गाइडलाइन आने के बाद नई बुकिंग में कमी आई है।

नैनीताल में ट्रेवल एजेंसी के संचालक हारून खान पंमी कहते हैं कि 12 राज्यों से आने वाले पर्यटकों की कोविड टेस्टिंग अनिवार्य करने से टूरिस्ट बसों में पहले से ही कम हो रही बुकिंग भी अब आधी रह गई है। सरकार को पर्यटन कारोबारियों की मुश्किल भी समझनी चाहिए।

कार्बेट नेशनल पार्क में जिप्सी संचालक भी चिंतित

कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर का असर सिर्फ मसूरी और नैनीताल ही नहीं, सभी पर्यटक स्थलों पर नजर आ रहा है। जिम कार्बेट नेशनल पार्क में भी पर्यटकों की आमद घटने से जिप्सी संचालक परेशान हैं। जिप्सी चालकों ने पार्क निदेशक से नियमों में अत्यधिक सख्ती न करने की मांग की है। रामनगर में कोरोना से पर्यटन को होने वाले नुकसान को देखते हुए जिप्सी संचालकों ने कार्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक राहुल से पार्क के गेट पर पर्यटकों की जांच रिपोर्ट न मांगने का आग्रह किया है। पार्क निदेशक ने उन्हें इसके लिए आश्वासन भी दिया। इसके अलावा अल्मोड़ा जिले के प्रख्यात पर्यटक स्थल कौसानी के भी होटलों में भी करीब 100 बुकिंग निरस्त हो चुकी हैं।