क्यों खास है रांची का ‘एलोवेरा विलेज’?….’मन की बात’ कार्यक्रम में पीएम मोदी ने किया जिक्र

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रांचीः रांची के देवरी गांव को एलोवेरा विलेज के नाम से भी जाना जाने लगा है. गांव को यह नाम यहाँ रहने वाली एक महिला के कारण मिला है जिसने यहां पर एलोवेरा की खेती को इस प्रकार किया कि इस विलेज के नाम को ही बदल कर रख दिया. रांची के देवरी गांव की रहने वाली महिला मंजू कच्छप ने गांव की कायाकल्प कर दी है. उन्होंने रांची बिरसा एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी से प्रशिक्षण प्राप्त कर के aloevera की खेती शुरू की. एलोवेरा की खेती से इन्होंने अपना ही नहीं बल्कि गांव का भी नाम रोशन किया है।

मन की बात कार्यक्रम में पीएम मोदी ने झारखंड के एलोवेरा विलेज की चर्चा की. उन्होंने कहा कि रांची के सतीश जी ने उन्हें पत्र के माध्यम से रांची के कांके स्थित एलोवेरा विलेज के बारे में जानकारी दी है. उन्होंने बताया कि रांची के देवरी गांव की रहने वाली महिला मंजू कच्छप ने गांव को एलोवेरा विलेज में तब्दील कर दिया है. उन्होंने रांची बिरसा एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी से प्रशिक्षण लेकर गांव में एलोवेरा की खेती शुरू की. उनके साथ 40 महिलाओं की टीम है. जो कई एकड़ में एलोवेरा की खेती कर रही हैं. पीएम मोदी ने कहा कि एलोवेरा की खेती से ये महिलाएं समाज को स्वस्थ कर रही हैं. कोरोना काल में भी इनकी आमदनी नहीं घटी क्योंकि सेनेटाइजर बनाने वाली कंपनियों ने इनसे सीधे संपर्क किया. इन महिलाओं ने एक मिसाल कायम किया है.

बता दें कि रांची से करीब 15 किलोमीटर दूर स्थित है नगड़ी प्रखंड का देवरी गांव. आज देवरी गांव किसी परिचय का मोहताज नहीं है. झारखंड में एलोवेरा विलेज (Aloe Vera Village) के नाम से पहचान बना चुके इस गांव में बदलाव की कहानी भी बहुत पुरानी नहीं है. इसे यह पहचान दिलाई है मंजू कच्छप (Manju Kachhap) ने.

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