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पौष पूर्णिमा कब है? जानें इस दिन क्या करना चाहिए और क्या नहीं

आज (28-29 jan) है पौष माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि 🙏🙏

य़ह विक्रम संवत के दसवें मास पौष के शुक्ल पक्ष की 15वीं तिथि है। आज से पौष मास समाप्त होता है और माघ मास का आरंभ होता है। इस बार पौष पूर्णिमा पर गुरुषुष्य नामक योग बन रहा है, जिससे इस दिन का महत्व और भी बढ़ जाता है। पूर्णिमा के मौके पर ग्रह-नक्षत्रों की ऐसी स्थिति बनती है कि चंद्र आदि ग्रह प्राणदायिनी अमृतमयी किरणों का संचरण कर जल में प्राणदायी ऊर्जा समाहित करते हैं और इस दिन स्नान करने से निरोगी काया समेत पुण्य लाभ प्राप्त करते हैं। मोक्ष प्राप्ति के लिए इस दिन व्रत भी किया जाता है। पौष मास भगवान सूर्य नारायण को समर्पित होता है और पवित्र नदियों में स्नान किया जाता है। अगर पवित्र नदियों में स्नान नहीं कर पाते हैं तो घर के जल में गंगाजल डालकर भगवान विष्णु को स्मरण कर स्नान करें, इससे भी पुण्य की प्रााप्ति होती है।इस दिन को देवी शाकुम्भरी की याद मे भी मनाया जाता है क्योंकि इसी दिन देवों की करूण पुकार को सुन आदिशक्ति जगदम्बा शाकुम्भरी के रूप मे शिवालिक हिमालय मे प्रकट हुई थी|

पूर्णिमा के दिन शास्त्रों में दान, तप और स्नान का महत्व बताया गया है। पूर्णिमा की तिथि चंद्रमा को प्रिय होती है और इस दिन चंद्रमा अपने पूर्ण आकार में होता है। पौष पूर्णिमा के दिन काशी, प्रयागराज और हरिद्वार में गंगा स्नान का महत्व होता है।

पौष पूर्णिमा तिथि व मुहूर्त-

पूर्णिमा तिथि आरंभ- 28 जनवरी 2021 गुरुवार को 01 बजकर 18 मिनट से
पूर्णिमा तिथि समाप्त- 29 जनवरी 2021 शुक्रवार की रात 12 बजकर 47 मिनट तक।

पूर्णिमा के दिन क्या करना चाहिए और क्या नहीं-

1. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, पूर्णिमा के दिन चावल का दान करना शुभ होता है। चावल का संबंध चंद्रमा से होता है और पूर्णिमा के दिन चावल का दान करने से चंद्रमा की स्थिति कुंडली में मजबूत होती है।
2. पूर्णिमा के दिन पानी में गंगाजल मिलाकर कुश हाथ में लेकर स्नान करना चाहिए।
3. पूर्णिमा के दिन सत्यनारायण की कथा सुननी चाहिए। घर के मेनगेट पर आम के पत्तों की तोरण बांधनी चाहिए। कहते हैं कि ऐसा करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं।
4. पूर्णिमा के दिन भगवान शिव की पूजा करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है।
5. पूर्णिमा के दिन महालक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए पीपल के पेड़ की पूजा करनी चाहिए। कहते हैं कि पीपल में मां लक्ष्मी का वास होता है।

पूर्णिमा के दिन इन बातों का रखना चाहिए ध्यान-
1. पुराणों में पूर्णिमा का दिन बेहद पवित्र माना गया है। कहते हैं कि इस दिन लहसुन, प्याज, मांस-मदिरा आदि का सेवन नहीं करना चाहिए।
2. पूर्णिमा के दिन परिवार में सुख-शांति बनाकर रखनी चाहिए। किसी को इस दिन कटु वचन नहीं बोलने चाहिए।
3. इस दिन दरवाजे पर आने वाले गरीब या जरुरतमंद को अपनी सामर्थ्य के हिसाब से दान देना चाहिए

✍🏻ज्योतिषाचार्य सपना श्री