Home उत्तर प्रदेश जातिगत सर्वे कॉल से प्रदेश में सनसनी , रिपोर्ट दर्ज

जातिगत सर्वे कॉल से प्रदेश में सनसनी , रिपोर्ट दर्ज

राजसत्ता पोस्ट

मुज़फ्फरनगर

उत्तर प्रदेश में जातिगत विद्वेष का जहर फैलाने के लिए अराजक तत्व किस प्रकार से सक्रिय है ,इसकी बानगी आजकल प्रदेश के लोगो के पास सर्वे के नाम से आ रहे फोन काल से होता है , प्रदेश में लोगो के पास आ रहे अनोखे सर्वे का कॉल
+917447178543 से आ रहा कॉल ।
फोन कर सर्वे किया जा रहा है
इस सर्वे में पूछा जा रहा है कि क्या योगी सरकार में सिर्फ ठाकुर समाज के लिए काम किए जा रहे हैं ?

फोन कॉल के ऑडियो में लोगों से जो बातें कही या पूछी जाती हैं उसे गोपनीय रखने की बात कही जा रही है

इस जाति आधारित सर्वे मामले में शासन की ओर से कराई गई प्राथमिकी दर्ज
हजरतगंज थाने में IT एक्ट और जातिगत भावना भड़काने सेक्शन 501-A के तहत मामला दर्ज
हज़रतगंज कोतवाली में लालबाग चौकी इंचार्ज की तरफ से FIR दर्ज ।

जिस प्रकार एक जाति के मुख्यमंत्री होने पर यह विद्वेष फैलाने हेतु सर्वे करवाया जा रहा है इस हिसाब से तो
पंजाब में जाटों की
हरियाणा में खत्री समाज की
उत्तराखंड में राजपूतों की
दिल्ली में कायस्थों की
राजस्थान में सैनी, माली समाज की,
राजस्थान में किरार समाज की
बिहार और छत्तीसगढ़ में कुर्मियो की
महाराष्ट्र में कायस्थों की
ही चल रही है।

वरिष्ठ पत्रकार व समाजसेवी विकास बालियान का कहना है कि यह हिंदू समाज को तोड़ने का एक कुंठित प्रयास है फूट डालो और राज करो के सिद्धांत पर चलते हुए हिंदुओं को एक दूसरे से लड़ाने का प्रयास किया जा रहा है ऐसे किसी भी कुकृत्य की रोकथाम करना सरकार का कर्तव्य है और जो कोई भी फोन पर ऐसे सर्वेक्षण कर रहा है उनके खिलाफ तत्काल कड़ी कार्रवाई करने की जरूरत है।

सामाजिक संस्थाओं से जुड़े युवा हेमू विक्रमादित्य ने कहा की समाज मे एक दूसरे के प्रति शत्रुता की भावना उत्पन्न करने के लिए आम लोगो को इस प्रकार के प्रपंचो में फंसाया जा रहा है , ऐसे लोगो पर कड़ी कार्यवाही करनी चाहिए जो सामाजिक सद्भाव बिगाड़ने के प्रयास में है ।

 

भाजपा युवा मोर्चा उत्तर प्रदेश के प्रदेश मंत्री रोहन त्यागी का इस मामले पर कहना है की विपक्षी दल जब सरकार को किसी मुद्दे पर घेरने में नाकामयाब रहे तो उन्होंने इस तरह समाज मे जहर घोलने के प्रयास शुरू किया है , ऐसा ही पूर्व में केंद्र सरकार के विरुद्ध जातिगत विद्वेष फैलाने का प्रयास किया गया था , ऐसे अराजक तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही कर एक उदाहरण पेश करना आवश्यक है ताकि कोई सामाजिक ताने बाने को बिखेरने का कुत्सित प्रयास करने की कोशिश भी नही करे।