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बोर्ड परीक्षा में डिबार प्रधानाचार्य को राष्ट्रपति पुरुस्कार की संस्तुति से व्यवस्था पर उठा बड़ा सवाल

राजसत्ता पोस्ट

मुजफ्फरनगर

माध्यमिक शिक्षा परिषद मेरठ के सचिव द्वारा बोर्ड परीक्षा से डिबार किये जाने की संस्तुति के बावजूद एक प्रधानाचार्य को राष्ट्रपति पुरस्कार मिलने जा रहा है। इस सम्बंध में एक माह पूर्व राष्ट्रपति के नाम भेजे गये प्रार्थना पत्र में उक्त प्रधानाचार्य को राष्ट्रपति शिक्षक अवार्ड से पुरस्कृत किये जाने की संस्तुति को निरस्त कराने की मांग की गई थी।

दरअसल सिविल लाइन थाना क्षेत्र के मोहल्ला इन्दिरा कॉलोनी निवासी रविन्द्र सिंह पुत्र सुरेश चन्द ने गत माह राष्ट्रपति के नाम भेजे गये एक शिकायती पत्र में अवगत कराया था कि गत 27 फरवरी को भी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को शिक्षा माफिया व नकल माफिया जो जनपद मुजफ्फरनगर में हाईस्कूल व इण्टरमीडिएट के बोर्ड परीक्षा के व्यक्तिगत फार्मों में फर्जी कागजात लगवाये जाने व सामूहिक इमला बोलकर नकल कराये जाने की शिकायत की थी।

उक्त शिकायत पर संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने कार्यवाही करते हुए माध्यमिक शिक्षा परिषद सत्र 2018-2019 के दौरान एसटीएफ लखनऊ को सीधे भौतिक विज्ञान इंटरमीडिएट की परीक्षा में परीक्षा केन्द्र जनता इंटर कॉलेज बाढ़ भेजकर छापेमारी कराई थी।

इस दौरान मौके पर केन्द्र व्यवस्थापक की निगरानी में फर्जी शिक्षकों द्वारा सामूहिक नकल कराते हुए रंगे हाथ 17 लोगों के खिलाफ एफआईआर कराकर जेल भेजा गया था, लेकिन बाद में आरोपी उच्च न्यायालय से जमानत कराकर बाहर आ गये थे। उसके बाद उनके अपराध की संगीनता को देखते हुए जिलाधिकारी द्वारा उक्त सभी नामजद अभियुक्तों के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई की गई थी।

उक्त प्रकरण में मीरापुर स्थित एसडी इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य की भागीदारी संलिप्त पाई गई थी, जिसकी शिकायत मुख्यमंत्री से की गई थी। उक्त प्रकरण में उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा द्वारा माध्यमिक शिक्षा सचिव से कराकर रोनी हरजीपुर स्थित राजकीय इंटर कॉलेज, चरथावल के मुथरा स्थित राजकीय इंटर कॉलेज, जंधेड़ी स्थित राजकीय इंटर कॉलेज, रेई स्थित राजकीय हाईस्कूल, गंगधाड़ी स्थित जनता इंटर कॉलेज, मीरापुर स्थित एसडी इंटर कॉलेज को भविष्य में अग्रसारण केन्द्र न बनाये जाने की संस्तुति अपर सचिव माध्यमिक शिक्षा परिषद क्षेत्रीय कार्यालय मेरठ द्वारा की गई थी।

इसी कार्यवाही के अंतर्गत उक्त विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को बोर्ड परीक्षा से डिबार करते हुए उनके विरुद्ध प्रशासनिक कार्यवाही के लिए निर्देश दिया गया था। रविन्द्र सिंह ने शिकायती पत्र के माध्यम से बताया था कि उक्त प्रकरण में मीरापुर स्थित एसडी इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य विकास कुमार की संलिप्ता उजागर हुई थी।

इसी के चलते माध्यमिक शिक्षा परिषद मेरठ के क्षेत्रीय सचिव द्वारा मीरापुर स्थित एसडी इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य विकास कुमार के खिलाफ डिबार किये जाने की संस्तुति की गई थी।

अब उक्त प्रधानाचार्य को राष्ट्रपति पुरस्कार दिया जाना सुनिश्चित हो गया है, जिसे शिकायताकर्ता ने उक्त प्रधानाचार्य को राष्ट्रपति अवार्ड दिये जाने पर शिक्षक की गरिमा के विपरित बताया है।

ये इसलिए भी महत्वपूर्ण हो जाता है चूंकि राष्ट्रपति पुरुस्कार मिलने का तो सभी को पता चलता है पर इसे देने का कमेटी का पैमाना क्या होता है इस संस्तुति के बाद वो भी एक बड़ा सवाल छोड़ गया है।

इस प्रकरण में राणा सहस्त्रासु कुमार सुमन, क्षेत्रीय सचिव माध्यमिक शिक्षा परिषद मेरठ ने कहा की मीरापुर स्थित एसडी इंटर कॉलेज और वहां के प्रधानाचार्य को बोर्ड परीक्षा से डिबार किये जाने की संस्तुति मुख्यमंत्री के निजी सचिव को मेरे द्वारा ही की गई थी। जब राष्ट्रपति पुरस्कार के नामित लोगों की सूची मेरे संज्ञान में आई, जिसमें मीरापुर के एसडी इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य का नाम भी शामिल था, तो मैंने मुजफ्फरनगर जिला विद्यालय निरीक्षक को इस सम्बंध में आख्या प्रस्तुत करने को कहा था।