सिखों का पवित्र तीर्थस्थल हेंमकुंड साहिब के द्वार 10 अक्टूबर के बाद बंद , श्रद्धालु को हो सकती है दिक्कत

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उत्तराखंड में प्रसिद्ध सिख गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब जाने वाले श्रद्धालु कवले कुछ दिन और कर सकते हैं दर्शन इस साल शीतकालीन से पहले ही सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर वहां जाने वालों के लिए 10 अक्टूबर को ही कपाट बंद कर दिये जाएंगे
15225 फीट पर स्थित सिखों का सबसे ऊंचे और सबसे पवित्र तीर्थ स्थल हेमकुंड साहिब के कपाट 10 अक्टूबर को बन्द हो रहे हैं. इस साल वैश्विक महामारी कोरोना वायरस की वजह से 18 सितंबर से हेमकुंड साहिब की यात्रा शुरू हो पाई थी और अब तक 5000 सिख श्रद्धालु हेमकुंड साहिब में मत्था टेक चुके हैं.इस साल हेमकुंड साहिब की यात्रा देर से शुरू होने के चलते गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट देर से कपाट बंद करने के बारे में विचार कर रहा था. लेकिन, इस साल मौसम की बेरुखी के चलते लगातार बारिश हो रही है और हेमकुंड साहिब बहुत ऊंचाई पर होने से सीधे बर्फबारी हो रही है. भारी बारिश ने चलते यहां आए श्रद्धालुओं को भी दिक्कतें हो रही हैं. मौसम की दुश्वारियों और यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए ट्रस्ट ने ये निर्णय लिया है.

श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए लिया फैसला
गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब मैनजमेंट ट्रस्ट के उपाध्यक्ष नरेंद्रजीत बिंद्रा ने कहा कि इस साल मौसम की दुश्वारियों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए इस साल हेमकुंड साहिब के कपाट 10 अक्टूबर को विधि विधान से बन्द कर दिए जाएंगे. उन्होंने कहा ट्रस्ट इस साल वैश्विक महामारी कोरोना के चलते 18 सितंबर को खुले थे, इसको देखते हुए ट्रस्ट देर से कपाट बंद करने की सोच रहा था. लगातार बारिश और हेमकुंड साहिब में बर्फबारी और अत्यधिक ठंड के चलते ये निर्यण लिया गया है.

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