प्रधानमंत्री बोले, ‘यूपी की जनता कह रही, योगी प्लस यूपी बहुत है उपयोगी’

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शाहजहांपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी उत्तर प्रदेश को रोड कनेक्टिविटी का एक और बड़ा तोहफा दिया। प्रधानमंत्री ने 36,230 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले उत्तर प्रदेश के सबसे लम्बे 594 किमी के गंगा एक्सप्रेसवे का शाहजहांपुर में रिमोट की बटन दबाकर शिलान्यास किया। गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ को प्रयागराज से जोडग़े। इसमें शाहजहांपुर के जलालाबाद में साढ़ेे तीन किलोमीटर की एयर स्ट्रिप भी बनाई जा रही है, जिसकर फाइटर प्लेन भी लैंड कर सकेंगे। इससे पहले उन्होंने यहां पर गंगा एक्सप्रेस के प्रारूप की प्रदर्शनी को भी देखा।

पीएम नरेन्द्र मोदी जनसभा को संबोधित करते हुए गंगा एक्सप्रेसवे का लाभ बताते हुए विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अब यहां हर वर्ग के विकास को ध्यान में रखकर योजनाएं बनाई जाती हैं और माफियाओं की अवैध इमारतों पर बुल्डोजर चलाए जाते हैं। इसी कारण उत्तर प्रदेश के समुचित विकास यूपी के लिए योगी आदित्यनाथ बेहद उपयोगी हैं।

गंगा एक्सप्रेसवे के शिलान्यास के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रोजा के रेलवे मैदान पर जनसभा को भी संबोधित किया। उन्होंने देश के स्वतंत्रता संग्राम में अपना जीवन कुर्बान करने वालों को नमन करने के साथ ही कहा कि देश के विकास के लिए दिन-रात एक कर के, हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने जो सपना देखा था उसे पूरा करके कार्यांजलि दे सकते हैं। संयोग से कल ही पंडित राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खां और ठाकुर रोशन सिंह का बलिदान दिवस है, भारत की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले वीरों का हम सब पर कर्ज है जो हम कभी नहीं चुका सकते। उन्होंने कहा कि शाहजहांपुर की धरती से वीरता की धारा बही है। कल ही पंडित राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्लाह खान, ठाकुर रौशन सिंह का बलिदान दिवस है। अंग्रेजी सत्ता को चुनौती देने वाले शाहजहांपुर के इन तीनों सपूतों को 19 दिसंबर को फांसी दी गई थी। भारत की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर देने वाले ऐसे वीरों का हम पर बहुत बड़ा कर्ज है। ऐसे ही गंगा एक्सप्रेसवे भी प्रगति के द्वार खोलेगी।

पीएम मोदी ने कहा कि शुरुआत से ही सबका साथ और सबका विकास ही हमारा मंत्र रहा है। डबल इंजन की सरकार का पूरा फोकस यूपी के विकास पर है। 2014 से पहले यूपी में कुछ लोगों के लिए योजनाएं बनाई जाती थीं। कुछ लोगों के विकास के बारे में सोचा जाता था, लेकिन अब यूपी में सबके विकास के लिए सोचा जाता है।मोदी और योगी की डबल इंजन की सरकार का पूरा फोकस यूपी के विकास पर है। साल 2014 से पहले यूपी में कुछ लोगों के लिए योजनाएं बनाई जाती थीं। कुछ लोगों के विकास के बारे में सोचा जाता था। आप पांच साल पहले का हाल याद करिए। राज्य के कुछ इलाकों को छोड़ दें, तो दूसरे शहरों और गांव-देहात में बिजली ढूंढे नहीं मिलती थी। डबल इंजन की सरकार ने ना सिर्फ यूपी में करीब 80 लाख मुफ्त बिजली कनेक्शन दिए, बल्कि हर जिले को पहले से कई गुना ज्यादा बिजली दी जा रही है। जब पूरा यूपी एक साथ बढ़ता है, तो देश आगे बढ़ता है। यूपी में आज जो आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण हो रहा है, वो ये दिखाता है कि संसाधनों का सही उपयोग कैसे किया जाता है। पहले की सरकारें बड़ी परियोजनाएं कागज पर इसलिए शुरू होती थीं ताकि वो लोग अपनी तिजोरी भर सकें। आज जमीन पर इसलिए काम हो रहा है ताकि आपका पैसा आपकी जेब में रहे और प्रदेश का विकास हो। आज यूपी में एक्सप्रेसवे का जाल बिछ रहा है, नए एयरपोर्ट बनाए जा रहे हैं, नए रेलवे रूट बन रहे हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि सरकार जब सही नीयत के साथ काम करती है, तो कैसे अच्छे परिणाम आते हैं, यह तो बीते चार-पांच वर्ष में यूपी ने अनुभव किया है। सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यहां सरकार बनने से पहले, पश्चिम यूपी में कानून-व्यवस्था की क्या स्थिति थी, इससे आप भलीभांति परिचित हैं। पहले लोग यहां क्या कहते थे? दिया बरे तो घर लौट आओ। सूरज डूबता था, तो कट्टा लहराने वाले सड़कों पर आ धमकते थे। आज जब उस माफिया पर बुल्डोजर चलता है, बुल्डोजर तो गैर-कानूनी इमारत पर चलता है, लेकिन सारा दर्द उसे पालने-पोसने वाले को होता है। इसीलिए आज यूपी की जनता कह रही है। यूपी+योगी बहुत है उपयोगी।

पीएम मोदी ने पहले की सरकारों पर हमला बोलते हुए कहा कि हमारे यहां कुछ राजनीतिक दल ऐसे रहे हैं जिन्हें देश की विरासत से भी दिक्कत है और देश के विकास से भी। देश की विरासत से दिक्कत क्योंकि इन्हें अपने वोटबैंक की चिंता ज्यादा सताती है। देश के विकास से दिक्कत क्योंकि गरीब की, सामान्य मानवी की इन पर निर्भरता दिनों-दिन कम हो रही है। इन लोगों का काशी में बाबा विश्वनाथ का भव्य धाम बनने से दिक्कत है, इन्हें अयोध्या में प्रभु श्रीराम का भव्य मंदिर बनने से दिक्कत है। यही लोग हैं जो आतंक के आकाओं के खिलाफ सेना की कार्रवाई पर सवाल उठाते हैं। यही लोग हैं जो भारतीय वैज्ञानिकों की बनाई मेड इन इंडिया कोरोना वैक्सीन को कठघरे में खड़ा कर देते हैं।

पीएम नरेन्द्र मोदी ने कहा कि यहां शाहजहांपुर में भी 50 हजार लोगों को पीएम आवास योजना के तहत पक्के घर मिले हैं, उनके जीवन का सबसे बड़ा सपना पूरा हुआ है। जिन लोगों को अभी पक्के घर नहीं मिले हैं, उनके घर जल्दी से जल्दी मिलें, उसके लिए मोदी और योगी दिन रात काम करते हैं और करते रहेंगे। हाल ही में हमारी सरकार ने गरीबों के पक्के घर बनाने के लिए 2 लाख करोड़ रुपये स्वीकृत किये हैं। आजादी के बाद पहली बार आज गरीब का दर्द समझने वाली, गरीब के लिए काम करने वाली सरकार बनी है। पहली बार घर, सड़क, शौचालय, बिजली, पानी, गैस कनेक्शन ऐसी बुनियादी सुविधाओं को इतनी प्राथमिकता दी जा रही है। विकास के ऐसे ही कामों से गरीब, पिछड़ों का जीवन बदलता है। जो भी समाज में पीछे है, पिछड़ा हुआ है, उसे सशक्त करना, विकास का लाभ उस तक पहुंचाना, हमारी सरकार की प्राथमिकता है। यही भावना हमारी कृषि नीति में, किसानों से जुड़ी नीति में भी दिखती है। बीते सालों में बीज से बाजार तक की जो भी व्यवस्था हमने बनाई है, इसमें देश के उन 80 प्रतिशत से अधिक छोटे किसानों को प्राथमिकता दी गई है, जिनके पास दो हेक्टेयर से भी कम भूमि है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह यूपी के लोगों के लिए हम अनेक वरदान एक साथ लेकर आ रहे हैं। उत्तर प्रदेश का यह विकास लोगों के लिए बड़ा वरदान साबित होगा। पीएम मोदी ने कहा कि मां गंगा सारे मंगलों की, सारी उन्नति प्रगति की स्रोत हैं। मां गंगा सारे सुख देती हैं, और सारी पीड़ा हर लेती हैं। ऐसे ही गंगा एक्सप्रेसवे भी यूपी की प्रगति के नए द्वार खोलेगा। इसके साथ ही देश की अर्थव्यवस्था को आगे ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह जो आज यूपी में एक्सप्रेसवे का जाल बिछ रहा है, जो नए एयरपोर्ट बनाए जा रहे हैं, नए रेलवे रूट बन रहे हैं, वो यूपी के लोगों के लिए अनेक वरदान एक साथ लेकर आ रहे हैं।

1- पहला वरदान- लोगों के समय की बचत।

2- दूसरा वरदान- लोगों की सहूलियत में बढोतरी, सुविधा में बढोतरी।

3- तीसरा वरदान- यूपी के संसाधनों का सही उपयोग।

4- चौथा वरदान- यूपी के सामर्थ्य में वृद्धि।

5- पांचवां वरदान- यूपी में चौतरफा समृद्धि।

प्रधानमंत्री ने कहा कि किसान हो या नौजवान हर किसी के लिए यह गंगा एकसप्रेसवे अनंत संभावनाओं का एक्सप्रेसवे है। पहले जनता के पैसे का क्या-क्या इस्तेमाल हुआ है, ये आपने देखा है। लेकिन आज उत्तर प्रदेश के पैसे को यूपी के विकास में लगाया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि एक से दूसरे शहर में जाने के लिए अब आपको उतना समय नहीं लगेगा जितना समय पहले लगता था। आपका समय ट्रैफिक जाम में बर्बाद नहीं होगा। आप समय का बेहतर इस्तेमाल कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि इतने बड़े यूपी को चलाने के लिए जिस दम-खम की जरूरत है, जितने दमदार काम की जरूरत है, डबल इंजन की सरकार वो करने का काम कर रही है।

गंगा एक्सप्रेस-वे के शिलान्यास कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हम सबका यह सौभाग्य है कि शाहजहांपुर की ये धरती वीरों की धरती है। उन्होंने कहा कि साल 2014 से पहले जो घोषणाएं होती थीं, वो सिर्फ चुनावों को ध्यान में रखकर होती थीं। अब ऐसा नहीं है। पहले और अब की सरकार में यही बड़ा अंतर है। अब योजनाओं की घोषणाएं ही नहीं होती, उन्हें पूरा भी किया जाता है। 2014 के बाद विकास की राजनीति प्रदेश में हो रही है। कई एक्सप्रेसवे इसका उदाहरण हैं। 2014 के बाद जो जोडऩे की राजनीति शुरू हुई उनका परिणाम है कि गांव का, किसानों का, नौजवानों का, श्रमिकों का सम्मान करते हुए देश की आस्था को सम्मान देने का कार्य प्रधानमंत्री मोदी ने किया।

उन्होंने कहा कि यह गंगा एक्सप्रेसवे जहां प्रदेश के कई जनपदों को आपस में जोड़ेगा, वहीं दिलों को भी जोडऩे का काम करेगा। एक तरफ हमारे प्रधानमंत्री ने वाराणसी में मां गंगा का सम्मान किया। वहीं, उन श्रमिकों का भी सम्मान किया गया जो राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दे रहे हैं। अभी कुछ दिनों पहले प्रधानमंत्री ने सुलतानपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया था। आज गंगा एक्सप्रेसवे का शिलान्यास किया गया जो पूर्वी उत्तर प्रदेश को पश्चिम व उत्तर से जोड़ेगा। 2014 के बाद इस देश के अंदर उन सभी मुद्दों की जितनी उपेक्षा होती रहती थी, उन सबको सम्मान देने का कार्य प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया है।

मेरठ से प्रयागराज तक बनने वाले 594 किमी लंबे गंगा एक्सप्रेस वे का काम वर्ष 2024 में पूरा होगा। मेरठ के बिजौली गांव से शुरू होकर प्रयागराज के जुड़ापुर दांदू गांव तक पहुंचने में 12 जिलों की 30 तहसीलों का क्षेत्र इसमें शामिल होगा। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) ने जमीनों के बैनामे कराने की प्रक्रिया लगभग पूरी कर ली है।

प्रधानमंत्री इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बरेली से त्रिशूल एयरबेस पर विशेष विमान से उतरे। इसके बाद हेलिकाप्टर के बेड़े के साथ शाहजहांपुर रवाना हो गए। बरेली के त्रिशूल एयरपोर्ट पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और सीएम योगी आदित्यनाथ ने उनका स्वागत किया। यहां पर दस मिनट के विश्राम के बाद एमआई-17 हेलिकाप्टर से शाहजहांपुर पहुंचे। गंगा एकसप्रेसवे पर शाहजहांपुर के जलालाबाद तहसील में हवाई पट्टी भी बनाई जाएगी। आज के इस कार्यक्रम में बदायूं, शाहजहांपुर तथा हरदोई से लोग पहुंचे। यह तीनों जिले एक्सप्रेस वे के रूट में शामिल हैं।

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