ढाई साल का बच्चा और बियाबान जंगल, 16 घंटे तक मां की लाश से चिपका रहा ढाई साल का मासूम, जानें क्या है पूरा मामला

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ढाई साल का बच्चा और बियाबान जंगल। आसपास सिर्फ पेड़, घास और झाड़ियों के अलावा मां की गर्दन कटी रक्तरंजित लाश। बीच-बीच में जंगली जानवरों की डरावनी आवाजें। बच्चा शाम चार बजे से सुबह आठ बजे तक इन्हीं सबके बीच रहा। कभी रोया तो कभी मां की लाश से चिपक कर रोते-रोते सो गया।

सुबह गांव वालों ने देखा तो उनके होश उड़ गए। पुलिस ने जांच शुरू की तो चंद घंटों में पर्दाफाश हो गया। महिला को उसके जीजा ने ही जंगल में लाकर मार डाला था। वह बच्चे को भी कत्ल करने वाला था कि अचानक कुछ बकरियां उधर निकल पड़ीं। चरवाहों के आने के डर से आरोपित जीजा भाग निकला। बाद में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है।

माखी थाना क्षेत्र के टेनई गांव के पास झाड़ियों से बच्चे के रोने की आवाज सुनी गई। लोग पहुंचे तो बच्चा एक महिला की लाश से चिपका मिला। महिला रक्तरंजित थी, बच्चा भी उसके खून से नहाया था। जांच में पता चला कि लाश लखनऊ के माल थाना क्षेत्र के गांव आदमपुर निवासी संतराम की पत्नी माया की थी।

वह 3 अक्तूबर को मायके हरदोई के माखनखेड़ा गई थी। जहां उसने गहने बनवाने के लिए बैंक से17 हजार रुपए निकाले और खरीदारी के लिए माखी (उन्नाव) के करीमाबाद आ गई। जहां उसकी बहन सुखदेई की ससुराल है। माया बेटे मोहित को लेकर जीजा गौरीशंकर के साथ जेवर खरीदने निकली थी।

दोपहर तीन बजे उसने फोन कर मां और बहन को बताया था कि वह जीजा के साथ है। एएसपी शशिशेखर सिंह ने बताया कि गौरीशंकर ने टेनई पुल के पास झाड़ियों के बीच माया को गिरा कर गला काट डाला और रुपए लूट कर भाग निकला। उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।

बेटे ने बताया मौसा ने की हत्या

पुलिस ने मोहित से पूछा कि मां को क्या हुआ? उसने बताया कि मौसा ने गिरा दिया। माया का शव मिलने के बाद सबसे नजदीक घर होने के बाद भी गौरीशंकर घटनास्थल पर नहीं गया। पुलिस को शक हुआ तो उसने गौरीशंकर को पकड़ा। पूछताछ में वह टूट गया। उसने बताया कि वह बुरी तरह कर्ज में डूबा है। माया के पास रुपया देख नीयत खराब हो गई। उसने लूट के रुपए से कुछ कर्ज चुकाया। तीन हजार उसके पास से बरामद हुए। पुलिस लूट के अलावा संबंधों को लेकर भी छानबीन कर रही है।

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