Hills Queen में उमड़े सैलानी, होटलों में occupancy 90 फीसदी पहुंची
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शिमला: शिमला के लगभग सभी होटल और पार्किंग शनिवार शाम तक फुल हो गए हैं। बाजारों में भी देर शाम तक सैलानियों की चहल पहल रही। शनिवार दोपहर के समय सर्कुलर रोड पर स्थित ज्यादातर छोटी बड़ी पार्किंग गाड़ियों से फुल हो गई। इसके चलते कई सैलानियों ने सर्कुलर रोड पर ही जगह-जगह गाड़ियां खड़ी कर दी। इससे लिफ्ट, होटल होलीडे होम के पास बार बार जाम भी लगता रहा।

इस वीकेंड पर सैकड़ों सैलानी टेंपो ट्रेवलर में भी शिमला घूमने आए हैं। होटल कारोबारियों के अनुसार शनिवार दोपहर तक ही शहर के होटलों में ऑक्यूपेंसी 90 फीसदी तक पहुंच गई। कई छोटे होटल शाम तक पैक हो गए। इससे सैलानियों को होटल की बुकिंग के लिए भी काफी भटकना पड़ा। सर्कुलर रोड से मालरोड जाने के लिए लिफ्ट के बाहर भी दोपहर से लेकर शाम तक सैलानियों की लाइनें लगी रहीं।

मालरोड से लेकर लोअर बाजार, लक्कड़ बाजार के रेस्टोरेंट, होटल और ढाबे सैलानियों दिन भर सैलानियों से भरे रहे। टूरिज्म इंडस्ट्री स्टेकहोल्डर्स एसोसिएशन के मुख्य सलाहकार गोपाल अग्रवाल ने बताया शनिवार को काफी संख्या में सैलानी शिमला पहुंचे हैं। इनकी संख्या लगातार बढ़ रही है। शहर के होटलों में आक्यूपेंसी 90 फीसदी तक पहुंच गई है। रविवार को सभी होटल पैक होने की उम्मीद है।

राजधानी में सैलानियों के पहुंचने से टूअर एंड ट्रेवल्स का काम करने वाले लोगों का काम फिर चल पड़ा है। मालरोड के एक ट्रेवल एजेंट मनीश कुमार ने बताया कि वीकेंड पर काफी बुकिंग बढ़ रही है। शिमला पहुंचे सैलानी साथ लगते दूसरे पर्यटक स्थलों की भी सैर को जा रहे हैं। इससे टैक्सी चालकों का कारोबार भी बढ़ा है।

हालांकि, कई टैक्सी चालक सैलानियों से मनमाने रेट भी वसूल कर रहे हैं। रिज मैदान के घोड़ा संचालकों को भी देर शाम तक काम मिल रहा है। शनिवार दिन के समय तो कई बार सैलानियों को घुड़सवारी के लिए अपनी बारी का इंतजार भी करना पड़ा। लिफ्ट के पास प्रैम संचालकों और रिज पर फोटोग्राफरों की कमाई भी बढ़ी है।

शहर के बाजारों में सैलानी जमकर शॉपिंग कर रहे हैं। भारी संख्या में सैलानियों को देखने के बाद शहर के कारोबारियों ने वीकेंड पर रविवार को भी दुकानें खुली रखने की मांग की है। कारोबारियों का कहना है कि कोरोना के चलते समर टूरिस्ट सीजन जुलाई के लिए खिसक गया है।

हजारों सैलानी शिमला आ रहे हैं। रविवार शाम तक ज्यादातर वापस भी करते हैं। ऐसे में यदि दुकानें बंद रहेंगी तो न सिर्फ कारोबारियों को घाटा होगा बल्कि सैलानी भी मायूस लौटेंगे। बीते रविवार भी दुकानें खुली रखने पर 50 कारोबारियों के चालान कट गए थे।

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