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इस बार किसान फर्जी मुद्दों में फंसने वाला नहीं है – जयंत चौधरी

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इस बार किसान फर्जी मुद्दों में फंसने वाला नहीं है – जयंत चौधरी

जयंत चौधरी आज भोजपुर,मोदीनगर में किसान पंचायत को संबोधित कर रहे थे। दिल्ली की सीमाओं पर बैठे किसानों को कहा कि पूरे देश के किसान उन्हें हिम्मत देने का काम कर रहे हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के योगदान पर बोलते हुए जयंत चौधरी ने कहा कि आजादी से पहले और आजादी के बाद भी देश में होने वाले तमाम किसान आंदोलनों को पश्चिमी उत्तर प्रदेश ने हमेशा समर्थन दिया हैं। और ना सिर्फ समर्थन दिया है बल्कि उनकी सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका भी निभाई है। भारतीय जनता पार्टी पर हमला बोलते हुए जयंत चौधरी ने कहा कि जिन्हें दिल्ली की सीमा पर बैठे हुए किसान नहीं दिख रहे हैं मुझे उनमें इंसानियत नहीं दिख रही हैं। हरियाणा के कृषि मंत्री जेपी दलाल के बयान की निंदा करते हुए जयंत चौधरी ने कहा कि ऐसे जनप्रतिनिधि कैसे किसी पार्टी में रह सकता है जो किसान की शहादत का उपहास उड़ाता है?

हरियाणा विधानसभा में कल हुए अविश्वास प्रस्ताव पर जयंत चौधरी ने कहा कि भले ही सदन में उन्हें 55 विधायकों का समर्थन प्राप्त हो गया हो परन्तु किसानों की नजरों में वे विश्वास खो चूके हैं। सरकार द्वारा आंदोलन को बार-बार बदनाम करने पर जयंत चौधरी ने कहा कि सरकार कभी इस आंदोलन को खालिस्तानियों का आंदोलन बोलती है, कभी पंजाब और हरियाणा का आंदोलन बोलती है, कभी जाटों का आंदोलन बोलती है। पर मैं उन्हें कह देना चाहता हूँ की ये किसानों का आंदोलन है और पूरे देश के किसानों का आंदोलन है। जयंत चौधरी ने आगे कहा कि 15 तारीख को मैं टांडा में किसान महापंचायत को संबोधित करने जा रहा हूँ, उसके बाद 20 तारीख को इलाहाबाद में किसान महापंचायत को संबोधित करूँगा। क्या टांडा और इलाहाबाद में भी जाट हैं? इसलिए इस आंदोलन को बांटने की कोशीश मत कीजिए यह पूरे देश के किसानों का आंदोलन है।

सरकार को चेताते हुए जयंत चौधरी ने कहा उन्हें लगता है कि आने वाले छह महीने में किसान सब कुछ भूल जाएगा। पर मैं उन्हें बता देना चाहता हूँ इस बार किसान हिंदू-मुसलमान पर वोट नहीं देगा। मोदी जी और योगी जी पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि शासन चलाने वाला ऐसा होना चाहिए जो समाज को जोड़कर रखें। परंतु योगी जी और मोदी जी जब भी पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आते हैं वो 2013 के दंगे की बात करते हैं वो कैराना के फर्जी पलायन की बात करते हैं, उनके पास समाज को बांटने के अलावा कुछ नहीं है। किसानों को समझाते हुए जयंत चौधरी ने कहा कि यही मौका है किसान अपनी एकता बना ले। हर जगह किसान की बात हो रही है सोशल मीडिया पर, अखबारों में, देश-विदेश में किसानों की बात हो रही है। जिस प्रकार से हनुमान जी अपनी ताकत भूल बैठे थे वैसे ही किसान अपनी ताकत भूल बैठे हैं, पर आज किसान जाग रहा है। उसे अपनी ताकत का एहसास हो रहा है।

चौधरी चरण सिंह को याद करते हुए जयंत चौधरी ने कहा कि चौधरी चरण सिंह ने 1964 में मंडी कानून बनाया था और तब उन्होंने कहा था कि मंडी में किसान और खरीदार के बीच में सरकार होगी क्योंकि अगर सरकार बीच में से निकल गई तो खरीदार किसान का शोषण करेगा।