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UP के 20 जिलों में तीसरे चरण का मतदान आज, साढ़े तीन लाख उम्मीदवार मैदान में

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में गांव की सरकार चुनने के लिए तीसरे चरण के मतदान में सोमवार को 20 जिलों के मतदाता अपना प्रतिनिधि चुनने के लिए वोटिंग कर रहे हैं। कई जगह पर मतदान संवेदनशील होने के कारण सुरक्षा व्यवस्था काफी मजबूत कर दी गई है। इसी बीच रविवार रात ही मेरठ में काफी बवाल हो गया है। 15 अप्रैल को संपन्न हुए पहले चरण के चुनाव में 71 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था जबकि 19 अप्रैल को हुए दूसरे चरण के चुनाव में 73 प्रतिशत मतदान हुआ।

प्रदेश के बीस जिलों में सात बजे से 30571613 मतदाता 49789 मतदान केंद्र पर आज अपने अधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। यह लोग 748 जिला पंचायत सदस्य, 18530 क्षेत्र पंचायत सदस्यों, 14379 ग्राम प्रधान व 180473 ग्राम पंचायत सदस्य पदों के लिए मैदान में उतरे प्रत्याशियों के भाग्य विधाता बनेंगे। मतदान सुबह सात बजे से शुरू हो गया है, जो कि शाम छह बजे तक चलेगा। 11 घंटे तक होने वाले मतदान में कोरोना संक्रमित को भी वोटिंग करने का मौका दिया जा रहा है। राज्‍य निर्वाचन आयोग के आयुक्त मनोज कुमार ने सभी संबंधित जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारियों सहित निर्वाचन से जुड़े सभी अफसरों को निर्देश दिया है कि ऐसी बेहतर व्यवस्था कराई जाए कि किसी भी मतदान केंद्र पर पुनर्मतदान की स्थिति न बने।

भीषण गर्मी तथा भीड़ से बचने के लिए लोग सुबह से ही मतदान केंद्रों में जुट गए हैं। प्रदेश में आज अमेठी, उन्नाव, औरय्या, कानपुर देहात, कासगंज, चन्दौली, जालौन, देवरिया, पीलीभीत, फतेहपुर, फिरोजाबाद, बलरामपुर, बलिया, बाराबंकी, मेरठ, मुरादाबाद, मिर्जापुर, शामली, सिद्धार्थनगर और हमीरपुर जिलों में मतदान हो रहा है।

मुरादाबाद में 2437 मतदेय स्थलों पर मतदान: पीतलनगरी मुरादाबाद तो प्रदेश के पंचायती राज मंत्री चौधरी भूपेंद्र सिंह का गृह जनपद भी है। यहां पर आज 2437 मतदेय स्थलों पर कड़ी सुरक्षा में मतदान शुरू हो गया है। यहां के कुल 1468329 मतदाता गांव की सरकार चुनने के लिए मताधिकार का प्रयोग करेंगे। 8311 पदों के लिए कुल 19704 प्रत्याशी मैदान में हैं।

मुरादाबाद के आठ ब्लाकों की 643 ग्राम पंचायतों में कुल 1468329 मतदाता जिला पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य और ग्राम पंचायत सदस्य के लिए मतदान करेंगे। 1742 ग्राम पंचायत सदस्य और 12 बीडीसी निॢवरोध हो गए हैं। अब सभी पदों के लिए 19704 प्रत्याशी मैदान में हैं। मतदाता इन्हीं के भाग्य पर फैसला करेंगे। जिले में 598 मतदान केंद्रों को सामान्य श्रेणी में रखा गया है। 118 मतदान केंद्र संवेदनशील और 82 अतिसंवेदनशील की श्रेणी में रखा है। संवेदनशील और अतिसंवेदनशील मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के अतिरिक्त इंतजाम किए गए हैं। इन केंद्रों की वीडियोग्राफी होगी। इस बार मतदाता पुनरीक्षण कार्यक्रम के दौरान जिले में 95958 हजार युवा वोटरों के नाम मतदाता सूचियों में दर्ज हुए हैं। यही वोटर पंचायत चुनाव में मुख्य निर्णायक की भूमिका में रहेंगे। आयोग ने कोरोना की गाइडलाइन का पालन कराते हुए चुनाव कराने के निर्देश दिए गए हैं। दो मई को मतणगना के दिन प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला होगा।

मतदान केंद्रों पर कड़ा सुरक्षा घेरा: तीसरे चरण के मतदान के दौरान पुलिस का कड़ा पहरा है। प्रत्याशियों से लेकर उनके खास समर्थकों पर सीधी नजर रखी जा रही है। इस दौरान सभी पुलिसकर्मियों को कोरोना गाइडलाइन का सख्ती से पालन कराने का कड़ा निर्देश भी दिया गया है। फीरोजाबाद, कासगंज, फतेहपुर, हमीरपुर, पीलीभीत, मुरादाबाद, देवरिया, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, कानपुर देहात, औरैया, जालौन, उन्नाव, बाराबंकी, अमेठी, मेरठ, शामली, चंदौली, बलिया व मीरजापुर में चप्पे-चप्पे पर पुलिस का पहरा है। इन जिलों के 20727 मतदान केंद्रों के 49798 मतदेय स्थलों पर सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त है।

प्रदेश के एडीजी कानून-व्यवस्था प्रशांत कुमार ने बताया कि तीसरे चरण के मतदान के लिए 509 निरीक्षक, 7600 उपनिरीक्षक, 15736 मुख्य आरक्षी, 56251 आरक्षी, 66444 होमगार्ड, 2473 पीआरडी जवान व 6282 रिक्रूट आरक्षी मुस्तैद हैं। इसके अलावा 55 कंपनी व दो प्लाटून पीएसी व दस कंपनी सीएपीएफ के जवान भी संवेदनशील क्षेत्रों में मुस्तैद है। प्रदेश में सात मार्च से विशेष अभियान के तहत पुलिस कार्रवाई की जा रही है, जिससे पंचायत चुनाव को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया जा सके। अब तक 2613 अवैध असलहों के साथ ही प्रदेश में 171 अवैध शस्त्र फैक्ट्रियां पकड़ी गईं। इसी दौरान अवैध शराब के कारोबार में लिप्त 20 हजार से अधिक आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। पिछले चुनाव के दौरान हुई घटनाओं के 5140 आरोपितों की निगरानी भी की जा रही है। पंचायत चुनाव में लाइसेंसी शस्त्रों के दुरूपयोग की आशंका के चलते अब तक सूबे मेंं 7.28 लाख से अधिक लाइसेंसी शस्त्र जमा कराए जा चुके हैं।