अनुराग ठाकुर और हरदीप सिंह समेत ये बने cabinet मंत्री

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नई दिल्ली: 7 July की शाम 43 मंत्रियों को शपथ दिलाई गई, जिनमें 36 नए चेहरे हैं। वहीं, सात नाम ऐसे भी हैं जिनको प्रमोशन दिया गया है। हरदीप सिंह पुरी, किरण रिजिजू, मनसुख मांडविया, जी किशन रेड्डी, अनुराग सिंह ठाकुर, पुरुषोत्तम रूपाला के आलावा राजकुमार सिंह को प्रमोशन दिया गया है।

खेल मंत्रालय में बतौर युवा मंत्री अपनी छाप छोड़ी। खेल संघों और एसोसिएशनों को अधिक ताकत देकर पीएम के खेलो इंडिया मिशन को आगे बढ़ाने का काम किया। कोरोना काल में भी ओलंपिक की तैयारी भी प्रमोशन का कारण बना है।

बतौर वित्त राज्य मंत्री अपनी कैबिनेट मंत्री निर्मला सीतारमण की परिछाई बनकर हिंदी भाषियों के बीच वित्त मंत्रालय की योजनाओं को बखूबी पहुंचाने का काम किया। संसद में भी भाजपा की ओर से युवा नेता की छवि के साथ आक्रामक तेवर के सरकार की छवि के लिए भिड़ते दिखते हैं। हिमाचल में अगले साल होने वाले चुनाव को देखते हुए अनुराग का प्रमोशन राज्य की राजनीति में महत्व रखेगा।

प्रशासनिक अनुभवों के साथ ऊर्जा मंत्रालय में राज्यमंत्री की बेहतरीन जिम्मेदारी निभाने वाले राजकुमार सिंह ने कई अभिनव योजनाओं को मूर्त रूप दिया। हालांकि कैबिनेट का दर्जा पाने के लिए इन्हें लंबा इंतजार करना पड़ा है।

कोरोना काल में वंदेभारत योजना के तहत विशेष हवाई सेवा शुरू कर विदेश में फंसे भारतीयों को लाने का काम किया। शहरी विकास मंत्री के तौर पर दिल्ली की अनियमित कॉलोनियों को कानूनी जामा पहनाने का काम किया। चूंकि पंजाब में अगले साल चुनाव है लिहाजा उनके प्रमोशन के राजनीतिक मायने भी हैं।

गुजरात से आने वाले मनसुख उरर्वक और रसायन मंत्रालय में राज्यमंत्री थे। अपने दो साल के कार्यकाल में इन्होंने देश भर में 5,100 जनऔषधि केंद्र खोले और 850 दवाओं को सस्ते दाम पर उपलब्ध कराया। हार्ट स्टेंट और नी रिप्लेसमेंट उपकरणों को सस्ते दामों में उपलब्ध कराने का श्रेय भी इन्हें जाता है। इन्होंने दस करोड़ सेनेटरी पैड को जनऔषधि केंद्र से बंटवाकर यूनीसेफ से तारीफ पाई।

राज्यसभा सदस्य रूपाला कृषि और कृषक कल्याण मंत्रालय में राज्य मंत्री थे। किसान कल्याण के क्षेत्र में रूपाला ने किसानों तक सीधे पहुंचने की सरकार की भूमिका बेहतर ढंग से निभाई। जिसके चलते इन्हें प्रमोशन मिला है। अपने चुटीले और ठेठ अंदाज में बात करने में निपुण रूपाला ग्रामीणों के लोकप्रिय हैं। गुजरात के चुनाव की वजह से रूपाला का प्रमोशन महत्व रखता है। गुजरात के पाटीदार नेताओं में रूपाला बड़ा नाम हैं।

गृह मंत्रालय में अमित शाह के छत्रछाया में रेड्डी ने अपने को बेहतर ढंग से निखारा है। यही कारण है कि इतने महत्वपूर्ण मंत्रालय में उन्हें शाह की गैरहाजिरी में जो भी जिम्मेदारी दी गई भली प्रकार निभाई। संसद में अक्सर अमित शाह मंत्रालय के सवालों के जवाब उन्हीं से दिलाते रहे हैं।

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