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नए कृषि कानूनों पर किसानों की राय को गंभीरता से लेकर जल्द से जल्द किसानों से वार्ता करे सरकार- जयंत चौधरी

राजसत्ता पोस्ट

दिल्ली

नए कृषि कानूनों पर किसानों की राय को गंभीरता से लेकर जल्द से जल्द किसानों से वार्ता करे सरकार-
जयंत चौधरी
(राष्ट्रीय उपाध्यक्ष,राष्ट्रीय लोकदल)

किसान विरोधी नए कृषि कानूनों के खिलाफ शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन करने दिल्ली आ रहे किसानों पर लाठी,वाटर कैनन और आंसू गैस के गोले दागकर भाजपा सरकार ने एक बार फिर अपनी किसान विरोधी मानसिकता का परिचय दिया है।

मोदी सरकार की किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ देश भर के किसान लगातार प्रदर्शन कर रहे है। लेकिन लोकतंत्र में संवाद के बजाय, केंद्र सरकार लाठीतंत्र के बल पर किसानों की आवाज को शासकीय डंडे के क्रूड प्रयोग से दबाना चाहती है।

नए कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानो को आतंकवादी के नजरिए से नहीं देखना चाहिए बल्कि सरकार को तानाशाही रवैया छोड़कर उनकी बात सुननी चाहिए।

बकाया गन्ना भुगतान, बिजली के दामों में वृद्धि और खेती की बढ़ती लागत के कारण आज पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों की दुर्दशा भी किसी से छुपी नहीं है। मंडियों में फसलों के उचित दाम नहीं मिल रहे वहीं न्यूनतम समर्थन मूल्य को लेकर किसान चिंतित और परेशान है। राजनीतिक आदेशों पर प्रशासन जिस तरह खेतों में गन्ने की पत्ती व पराली जलाने वाले किसानों को मुकदमा दर्ज कर जेल भेज रहा है और जुर्माना वसूल रहा है,वह भी चिंताजनक है।

मोदी सरकार और हरियाणा की भाजपा सरकार की लाठियों, पानी की बौछारों, कांटेदार तारों और आँसू गैस के गोलों को झेलकर दिल्ली पहुँचे पंजाब और हरियाणा के किसानों की बहादुरी और जज्बे को राष्ट्रीय लोकदल सलाम करता है।

हैदराबाद में चुनाव प्रचार में व्यस्त मोदी सरकार ने देरी कर किसानों से वार्ता के लिए 3 दिसंबर की तारीख निर्धारित की है। यह दर्शाता है कि भाजपा के लिए किसान प्राथमिकता नहीं हैं, केवल चुनाव और वोट मायने रखते हैं।

लेकिन हम आशा करते हैं कि देश के लिए एक सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ आखिरकार इस तथ्य के साथ मोदी सरकार जागेगी की
‘सांप्रदायिक ध्रुवीकरण से कभी भी देश का विकास नहीं होगा,अंतत: किसानों और गाँवों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को प्राथमिकता से सुलझाना होगा’|

मुझे उम्मीद है कि केंद्र सरकार नए कृषि कानूनों पर किसानों की राय को गंभीरता से लेकर जल्द से जल्द किसानों से वार्ता करेगीं और किसानों को संतुष्ट कर सभी मुद्दों को हल करेगीं।