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केंद्र सरकार के किसान बिल वास्तव में काले कानून हैं किसान विरोधी हैं (भाकियू तो)

राजसत्ता पोस्ट

मुज़फ्फरनगर गुरुवार 18 मार्च

ग्राम ककराला आज भारतीय किसान यूनियन तोमर की हुआ एक सभा का आयोजन जिसमे भाकियू तोमर के जिला अध्य्क्ष अखिलेश चौधरी ने कहा कि पूरे भारत का भाकियू तोमर एक ऐसा संगठन है जिसने सबसे पहले काले कानून का विरोध किया था 22 सितंबर मैं भारतीय किसान यूनियन तोमर ने एनएच 58 जाम कर काले कानून का विरोध जताया था और आज लगभग 110 दिन गाजीपुर बॉर्डर पर धरना प्रदर्शन चलते हो गया है मगर भाजपा सरकार तानाशाही के चलते काले कानून वापस लेने को तैयार नहीं है वही भाकियू तोमर के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी संजीव तोमर ने कहा कि जो काले कानून है वह किसान हित में बिल्कुल नहीं है और जब तक यह काले कानून वापस नहीं होंगे संगठन इसका पूर्ण रूप से विरोध करता रहेगा राष्ट्रीय अध्यक्ष संजीव तोमर ने कहा कि गन्ने का भाव ₹450 कुंटल हो और डीजल ₹30 प्रति लीटर किसान को मिलना चाहिए और बिजली की भी दरे बहुत ज्यादा महंगी हो गई है वह भी सस्ती की जाए सभा के बाद संगठन के अध्यक्ष ने साजिद अली को प्रदेश महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी।

वही आज भाकियू भानू छोड़ दर्जनों कर्यकर्ता हुए भाकियू (तोमर) में शामिल।

इस मौके पर राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रतिनिधि पवन त्यागी वाजिद रजा पुष्पेन्द्र राठी मंडल उपाध्यक्ष समरसिंह ब्लॉक अध्यक्ष राजेंद्र चौधरी मास्टर जी बॉबी अन्य सम्मानित पदाधिकारी मौजूद रहे।