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उत्तर प्रदेश में सात सीटों के परिणाम सभी दलों की साख से जुड़े हैं

लखनऊ । वर्ष 2022 के आम विधानसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश की सात सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजे मंगलवार को घोषित होंगे। इन उपचुनावों का परिणाम सरकार गिराने या बचाने जैसा महत्वपूर्ण नहीं होगा, लेकिन मुख्य मुकाबले से पहले सेमीफाइल माने जाने वाले उपचुनाव सत्ताधारी दल भारतीय जनता पार्टी ही नहीं, विपक्ष को भी आत्मविशेषण का अवसर देंगे। यदि सभी सीटों पर भगवा लहराता है तो इसे सरकार की नीतियों और कार्यक्रमों पर जनता की मुहर माना जाएगा। दूसरी ओर विपक्षी समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और कांग्रेस को भी विरोध के अपने तौर-तरीकों पर मंथन करना होगा।

वैसे उत्तर प्रदेश विधानसभा उपचुनाव की जिन सात सीटों के मंगलवार को परिणाम घोषित होंगे, उनमें से जौनपुर के मल्हनी क्षेत्र को छोड़कर अन्य छह स्थानों पर भारतीय जनता पार्टी का ही कब्जा था। भारतीय जनता पार्टी ने एकतरफा जीत हासिल करने के लिए चुनाव के प्रचार में अपनी पूरी ताकत झोंकी थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अलावा दोनों उपमुख्यमंत्री और प्रदेश सरकार के मंत्रियों ने भी ताबड़तोड़ दौरे किए। प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह और महामंत्री संगठन सुनील बंसल की नवगठित टीम की यह पहली परीक्षा होगी।

भाजपाइयों का मानना है कि मौजूदा स्थिति बनी रहे तो यह बड़ा सुखद संकेत होगा। विपक्ष के दिशाहीन विरोध व आपसी बिखराव का लाभ आगामी आम चुनाव में मिल सकेगा। उधर, सरकार अपना एजेंडा और अधिक मजबूती से लागू कर सकेगी। नतीजे यदि अपेक्षित नहीं रहेंगे तो केंद्र और प्रदेश सरकारों को भी गंभीरतापूर्वक आत्ममंथन करना होगा। वहीं, अगले वर्ष होने वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में भी बेहतर प्रदर्शन करने की जरूरत होगी। बकाया गन्ना मूल्य, धान का उचित दाम न मिल पाना व ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली दरों में बेतहाशा वृद्धि के अलावा कृषि विधेयकों आदि को लेकर विपक्ष द्वारा बनाए गए विरोधी माहौल की फौरी काट भी तलाशनी होगी।

भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत का कहना है कि किसानों में अपनी सरकार होने जैसा भाव उत्पन्न नहीं हो सका। नौकरशाहों की मनमानी से हर वर्ग परेशान है। बिजली और पराली को लेकर हो रहा उत्पीड़न असहनीय है। वहीं, इन सात में से पिछले चुनाव में एक सीट जीती सपा सीटों की एक-दो संख्या बढ़ाती है तो साइकिल रास्ते पर लौटती महसूस होगी। वहीं, कांग्रेस और बसपा जो भी हासिल करेंगी, वह उनके लिए बोनस होगा। यदि परिणाम शून्य रहा इन दोनों दलों के रणनीतिकारों के लिए अगले विधानसभा चुनाव की चुनौती और बड़ी होती नजर आएगी।

चुनाव परिणाम 2017

  • विधानसभा क्षेत्र : विजेता : उपविजेता
  • बुलंदशहर       : भाजपा : बसपा
  • नौगवां सादात   : भाजपा : सपा
  • टूंडला             : भाजपा  : बसपा
  • घाटमपुर          : भाजपा  : बसपा
  • देविरया           : भाजपा  : सपा
  • बांगरमऊ        : भाजपा   : सपा
  • मल्हनी            : सपा       : निषाद पार्टी