ठाकरे बोले- पीएम से कई संवेदनशील मुद्दों पर हुई वार्ता
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नई दिल्ली. मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने पीएम आवास पर पहुंचे। पीएम मोदी और उद्धव ठाकरे के बीच बैठक हुई। बैठक के बाद उद्धव ठाकरे ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने हमारी सभी बातों को गंभीरता पूर्वक सुना। उन्होंने कहा कि मराठा आरक्षण, जीएसटी समेत कई संवदेनशील मुद्दों पर वार्ता हुई। पीएम मोदी और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे की यह मुलाकात काफी अहम है। मुख्यमंत्री बनने के बाद दिल्ली में पीएम मोदी और उद्धव ठाकरे के बीच यह दूसरी मुलाकात है। उद्धव साथ के उप मुख्यमंत्री अजित पवार, मंत्री अशोक चव्हाण भी मौजूद रहे।
प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात करने के बाद मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। ठाकरे ने बताया कि पीएम मोदी ने हमारे सभी मुद्दों को ध्यान से सुना है और गंभीरत से विचार करने की बात कही है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने बताया कि पीएम मोदी के साथ मराठा आरक्षण, राजनीतिक आरक्षण, मेट्रो शेड, जीएसटी कलेक्शन, फसल बीमा और चक्रवात से हुए नुकसान समेत 12 जरूरी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। मोदी से मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की ओर से मराठी भाषा को केंद्र की ओर से स्टेटस दिए जाने की मांग की गई। 
मराठा आरक्षण के मसले पर राज्य सरकार के मंत्री अशोक चव्हाण ने कहा कि अब आरक्षण को लेकर राज्य से ज्यादा ताकत केंद्र के पास है, ऐसे में केंद्र सरकार को इस मामले में आगे बढ़कर कदम उठाना चाहिए और सुप्रीम कोर्ट के समक्ष सभी का पक्ष रखना चाहिए। अजित पवार ने कहा कि आरक्षण का मसला सिर्फ महाराष्ट्र का नहीं है बल्कि देशभर का है। वहीं, जीएसटी को लेकर कहा कि हमारा 24 हजार करोड़ रुपये का हिस्सा मिलना बाकी है। केंद्र सरकार से अनुरोध है कि इसे जल्द से जल्द हमें दिया जाए। 
मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की पीएम मोदी से यह मुलाकात भले ही राज्य के मुद्दों को लेकर हो, लेकिन इसके सियासी मायने तो निकाले ही जाएंगे। पिछले दिनों जिस प्रकार विपक्षी दल के नेता एकजुट हुए और प्रधानमंत्री के खिलाफ हमला बोला। उसके बाद यह मुलाकात काफी अहम है। पिछले साल फरवरी महीने में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की थी। इस दौरान, उनके साथ बेटे आदित्य ठाकरे भी मौजूद थे। इस मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री ने कहा था कि सीएए से किसी को डरने की जरूरत नहीं है और एनपीआर से किसी को भी देश से बाहर निकाला नहीं जाएगा। 

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