शिक्षक नेता हत्याकांड में दो आरोपितों को मृत्युदंड और पांच को उम्रकैद

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प्रतापगढ़। प्रतापगढ़ के चर्चित शिक्षक नेता शोभनाथ मिश्रा हत्या कांड में न्यायालय ने सजा सुनाई। दो अभियुक्तों को मृत्युदंड और पांच को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। फैसला आठ साल बाद आया है। शोभनाथ मिश्रा की हत्या 12 जुलाई 2012 को की गई थी। न्यायालय ने अरुण कुमार, अनुज दुबे, प्रमोद तिवारी लोटा, अशोक मिश्रा, प्रदीप सिंह को आजीवन कारावास और नौशाद उर्फ डीएम और राजेश कुमार को फांसी की सजा सुनाई। न्यायालय ने सभी अभियुक्तों को दो-दो लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।

अपर सत्र न्यायाधीश पंकज कुमार श्रीवास्तव ने राजेश सिंह पुत्र राधेश्याम निवासी सेतापुर थाना अंतू व नौशाद उर्फ डीएम पुत्र शमशेर अली निवासी कला भदारी थाना लालगंज को हत्या के आरोप में दोषी पाते हुए मृत्यु दंड व अर्थदंड की सजा सुनाई है। साथ ही अन्य अभियुक्त प्रदीप सिंह पुत्र सूर्य नारायण सिंह निवासी अजीत नगर थाना कोतवाली नगर, प्रमोद कुमार उर्फ लोटा तिवारी निवासी विहारगंज भोजपुर, अशोक मिश्र निवासी पड़ाव वार्ड, अरुण कुमार सिंह निवासी विहारगंज बरिया समुद्र थाना कोतवाली नगर व अनुज दूबे निवासी लालागंज अझारा लालगंज को भी हत्या के आरोप में दोषी पाते हुए आजीवन कारावास व अर्थ दंड से दंडित किया है।
अभियुक्त राजेश सिंह,लोटा तिवारी, अरुण सिंह,अनुज दूबे को दो लाख अस्सी हज़ार रुपया अर्थ दंड तथा अभियुक्त नौशाद, अशोक मिश्र व प्रदीप सिंह को दो लाख सत्तर हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड की संपूर्ण राशि मृतक के उत्तराधिकारियों को देय होगी। मुकदमा वादिनी विद्या देवी निवासी अजीत नगर थाना कोतवाली नगर के अनुसार उनके पति शोभनाथ शिक्षक संघ के अध्यक्ष थे।

अभियुक्त राजेश सिंह शिक्षक था। सेतापुर ग्राम के राजेश सिंह मेरी लड़की पूजा से जबरन शादी करना चाहते थे, जिसका विरोध मेरे पति व लड़की पूजा करती थी। इसी बात को लेकर कई बार राजेश सिंह ने मेरे पति की घेराबंदी की। घटना 14 जुलाई 2012 समय रात नौ बजे मेरे पति,मैं व मेरी लड़की पूजा एवं प्रिया घर के चैनल पर बरामदे में तख्ता व कुर्सी पर बैठ कर बातें कर रहे थे। उसी समय राजेश सिंह, प्रदीप सिंह,अशोक व एक अन्य व्यक्ति जिसे मैं पहचान सकती हूं अपने-अपने हाथ में तमंचा लेकर मेरे घर में घुस गए।

मेरे पति से राजेश सिंह ने कहा आज साले तुम्हें जिंदा नहीं छोड़ेंगे और राजेश सिंह ने मेरे पति की गर्दन से सटाकर गोली मार दिया। अन्य लोगों ने तमंचे से फायर किया जिसकी चोटें मेरे पति व बाहर से आ रहे हकीम अंसारी को लगी। अभियुक्तगण पल्सर से गाली देते अन्य लोगों को जान से मार देने की धमकी देते हुए भाग निकले। मेरे पति की हालत नाजुक थी,वे वहीं गिर गए। कृष्ण कुमार तिवारी उन्हें लेकर अस्पताल ले जा रहे थे कि रास्ते में ही उनकी मृत्यु हो गई। राज्य की ओर से पैरवी एडीजीसी अनिल मिश्र व वादिनी की ओर से पैरवी अश्विनी कुमार पांडेय ने की।

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