सुब्रमण्मय स्वामी ने किया तंज लद्दाख पहुचाएँ अंधभक्तो को सीमा पर, करें ईश्वर नमो नमन का जाप।

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भारत चीन सीमा विवाद पर भाजपा सांसद सुब्रमण्मय स्वामी केंद्र सरकार को अक्सर निशाने पर रखते हैं। बता दें कि भारतीय सीमा में चीनी घुसपैठ को लेकर केंद्र लगातार मना करता रहा है। इसपर स्वामी कई बार सवाल उठा चुके हैं।
उन्होंने कहा कि अगर हमारी सीमा में कोई आया नहीं तो चीन से सैन्य स्तर पर कई दौर की वार्ता क्यों हो रही है।

वहीं अब अपने एक ताजा ट्वीट में स्वामी ने तंज कसते हुए कहा है कि अपनी जमीन बचाने के लिए अंध भक्तों को लद्दाख में बसाया जाये। दरअसल चीन के नए सीमा कानून पर भारत ने कहा है कि चीन के सीमा कानून से दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सीमा प्रबंधन समझौतों पर प्रभाव पड़ सकता है। भारत ने कहा है कि हम उम्मीद करते हैं कि चीन कानून को लेकर ऐसा कोई कदम उठाने से बचेगा जिससे भारत चीन सीमा क्षेत्रों में स्थिति में एकतरफा ढंग से बदलाव आ सकता हो।
इसी खबर को शेयर करते हुए सुब्रमण्यम स्वामी ने ट्वीट किया है। जिसमें उन्होंने तंज कसते हुए लिखा है, “हमारी जमीन बचाने के लिए अंध भक्तों और गंधभक्तों को लद्दाख में बसाया जाए। ईश्वर नमो नमन का 1008 बार जाप करें। कोई नहीं।”

स्वामी लगातार चीन के मुद्दे पर मोदी सरकार को कमजोर बताते आए हैं। पिछले दिनों उन्होंने अपने एक ट्वीट में लिखा था, “चीन के हाथों लद्दाख और अरुणाचल की जमीन मोदी सरकार चुपचाप खोती जा रही है। इसके अलावा चीन के कारण कई पड़ोसी देशों से भी भारत की दोस्ती खत्म हो गई है।” उन्होंने कहा था, “पाकिस्तान और अफगानिस्तान जल्द ही कश्मीर में आतंकी युद्ध की तैयारी कर रहे हैं। यह सब मास्टरस्ट्रोक बिल्कुल नहीं हो सकता।

वहीं किसानों के मुद्दे पर भी सुब्रमण्यम स्वामी ने केंद्र सरकार को अपनी तरफ से सुझाव दिया था। जिसको लेकर उन्होंने कहा था कि अगर सरकार उनके सुझाव को मान ले तो किसान आंदोलन को खत्म किया जा सकता है। हालांकि उन्होंने केंद्र द्वारा सुझावों को ना मानने पर हैरानी भी जताई है।

उन्होंने भारत में कृषि क्षेत्र में संभावनाओं पर कहा कि, भारत की अर्थव्यवस्था में एग्रीकल्चर एक बड़ा सेक्टर है। 51 प्रतिशत आबादी कृषि पर आधारित है लेकिन इसकी उत्पादन क्षमता अच्छी नहीं है। ऐसे में देश में इतना बड़ा भू-भाग कृषि का होते हुए भी देश की जीडीपी में इसकी हिस्सेदारी का महज 16% ही है। उन्होंने कहा कि भारत में कृषि के क्षेत्र में काफी संभावनाएं हैं।

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