अवैध निर्माण का अजब मामला: सड़क घेरकर बिजली भी का तार भी दुकान में ही घेर लिया

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देहरादून। शिमला बाईपास रोड पर अवैध निर्माण का अजब मामला सामने आया है। यहां एक साथ तीन नियम तोड़े गए हैं। बिना मानचित्र स्वीकृति के पांच दुकानों का निर्माण किया जा रहा है। निर्माण में भी सड़क का करीब चार फीट भाग घेरा गया है और सबसे गंभीर बात यह कि सड़क पर अतिक्रमण के चलते बिजली की सार्वजनिक लाइन को भी दुकानों के बीच से गुजार दिया गया।

इस मामले में क्षेत्रवासियों ने एमडीडीए, ऊर्जा निगम व नगर निगम में शिकायत दर्ज कराई। एमडीडीए ने निर्माण का चालान तो किया, मगर निर्माण बंद नहीं कराया। जिसके चलते बिजली की सार्वजनिक लाइन को खुलेआम दुकानों के भीतर से गुजार दिया गया। लगातार निर्माण जारी रहने पर एमडीडीए ने 25 अगस्त को निर्माण को सील करने के आदेश दिए थे। इसके बाद भी निर्माण को अब तक सील नहीं किया जा सका है। एमडीडीए ने अवैध निर्माण पर जब चालानी कार्रवाई की, तब दुकानों का लेंटर नहीं डला था, जबकि अधिकारियों की नाक के नीचे अब लेंटर भी डाल दिया गया है।

वहीं, नगर निगम ने सड़क की चौड़ाई नापकर यह स्पष्ट किया कि सड़क पर चार फीट तक अतिक्रमण किया गया है। हालांकि, इस मामले में भी कब्जा छुड़ाने को लेकर कोई प्रयास नहीं किए गए। ऊर्जा निगम ने बिजली की लाइन को दुकानों के भीतर से गुजारने पर निर्माणकत्र्ता का चालान तो किया, लेकिन लाइन को दुकानों से बाहर करने की दिशा में कुछ नहीं किया गया। तीन एजेंसियों के संज्ञान में प्रकरण को लाने के बाद भी कोई कार्रवाई न किए जाने के चलते क्षेत्रवासी आक्रोशित हैं। उनका आरोप है कि अवैध निर्माण के साथ सार्वजनिक संपत्ति पर अतिक्रमण करने वाले व्यक्तियों को अधिकारी संरक्षण दे रहे हैं।

बोले अधिकारी

एमडीडीए के उपाध्यक्ष बीके संत का कहना है कि यह मामला अभी संज्ञान में नहीं है। इस बारे में जानकारी मांगी जाएगी। यदि नक्शा पास नहीं पाया गया या निर्माण स्वीकृत मानचित्र से भिन्न पाया जाता है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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