तेज प्रताप के ऊपर दिए गए  बयान के बाद असहज दिख रहे शिवानंद तिवारी ,

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पटना, परिवार और पु्त्र प्रेम की बेहतरीन मिसाल और छोटी-बड़ी तमाम घटनाओं पर त्वरित प्रतिक्रिया व्यक्त करने वाला लालू परिवार तेजप्रताप के मसले पर चुप है।कोई कुछ नहीं बोल रहा है। न तेजस्वी यादव और न ही लालू प्रसाद की प्रतिक्रिया आई है। समाजवादी नेता शिवानंद तिवारी ने थोड़ी हिम्मत जरूर दिखाई मगर बयान देने के बाद से वह भी सफाई देने में ज्यादा वक्त जाया कर रहे हैं। ऐसे में तेजप्रताप की हैसियत और लालू प्रसाद के पुत्र के प्रति मोह का अंदाजा सहज लगाया जा सकता है।
शिवानंद तिवारी राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैैं। बड़ा ओहदा है। लालू के बेहद करीबी भी माने जाते हैैं। उनके बोल-बचन के बारे में प्रचलित है कि लालू की अभिव्यक्ति ही अक्सर शिवानंद के मुंह से बाहर आती है। मगर इस बार ऐसा नहीं लग रहा है, क्योंकि बयान देने के बाद से शिवानंद थोड़ा असहज दिख रहे हैैं, जबकि उनकी प्रकृति है अपने बयान पर अड़े रहने की।
राजद के अन्य प्रवक्ता भी बोलने से परहेज कर रहे। तेजप्रताप की गतिविधियों को लालू परिवार का आंतरिक मामला बताकर चुप्पी साध ले रहे हैैं। लोकसभा चुनाव के दौरान तेजप्रताप की खुलेआम बगावत की बात को अगर नजरअंदाज भी कर दिया जाए तो हाल के दिनों में उनकी प्रत्येक गतिविधि राजद की लाइन से अलग ही दिखी है। चाहे राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह के खिलाफ बयान हो या छात्र राजद के समानांतर अलग संगठन का गठन या फिर लालू को दिल्ली में बंधक बनाए जाने का आरोप, सारे के सारे बयान राजद नेतृत्व को असहज करने वाले हैैं। फिर भी तेजप्रताप कार्रवाई से ऊपर हैैं। दूसरा होता तो अबतक पार्टी से बाहर निकाल दिया गया होता, लेकिन तेजप्रताप कार्रवाई से परे दिख रहे हैैं। इसे लेकर राजनीतिक गलियारे में चर्चा है और राजद में हैरानी।

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